दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल।
- फोटो : आम आदमी पार्टी।
राजधानी में दिल्ली सोलर पॉलिसी की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब लोग छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली का बिल शून्य कर सकते हैं। सोलर पैनल लगवाने वालों को 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने पर भी बिल शून्य आएगा, जबकि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं का बिल आधा हो सकेगा। 29 जनवरी को मुख्यमंत्री ने पॉलिसी की घोषणा की थी। उपराज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद इस पॉलिसी को लागू कर दिया गया है।
ऊर्जा मंत्री आतिशी ने बताया कि योजना से न केवल लोगों को फायदा होगा, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा। इसके तहत हर यूनिट बिजली उत्पादन करने पर दिल्ली सरकार सोलर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को पैसे देगी। सरकार पावर जेनरेशन असेसमेंट का भी प्रावधान करेगी। इसके लिए सरकार कुछ संस्थाओं से टाइअप करेगी। संस्थाएं सैटेलाइट से पूरी दिल्ली में कहां कितनी क्षमता है, उसका आकलन कराएंगी। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में शिविर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को सरकार के पास न आना पड़े। फिलहाल, 201 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने पर आधा बिल आता है और 400 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने पर पूरा बिल आता है। सोलर पॉलिसी के तहत सोलर पैनल लगवाने पर 400 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वालों का भी बिजली का बिल शून्य हो जाएगा।
सरकार पांच साल तक देगी इंसेंटिव
पॉलिसी के अंतर्गत 5 तरह के वित्तीय लाभ सरकार देगी। अगर कोई 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल लगवाता है तो उससे पैदा होने वाली बिजली पर दिल्ली सरकार बैंक खाते में 3 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से जमा करेगी। अगर 3 से 10 किलोवॉट क्षमता के सोलर पैनल लगवाते हैं, तो 2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पैसा जमा कराया जाएगा। दिल्ली सरकार पांच साल तक यह जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव देती रहेगी।
पोर्टल पर उपलब्ध होगी पूरी जानकारी
पॉलिसी की सारी जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने के लिए सोलर पोर्टल बनाया जा रहा है। पॉलिसी से संबंधित सारी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अगर सरकारी बिल्डिंग की छत पर 500 वर्ग मीटर का एरिया है, तो उनके लिए सोलर पैनल लगाना अनिवार्य कर दिया है। सभी सरकारी बिल्डिंग की छत पर पॉलिसी लागू होने के तीन साल के अंदर सोलर पैनल लगाने होंगे। दिल्ली सरकार दिल्ली के बाहर से भी सोलर पावर खरीदने की कोशिश करेगी।