राजधानी में मुख्यमंत्री के अधिकारियों को हटाने और मुख्यमंत्री व मंत्रियों को 23 दिसंबर तक बंगला खाली करने का मंगलवार को नोटिस जारी करके राष्ट्रपति शासन की राह दिल्ली सचिवालय चल पड़ा है।
सूत्रों के अनुसार बुधवार को संभवत: राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के आदेश केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी और राष्ट्रपति की मुहर लग कर आ जाएगी। हालांकि मंगलवार को न ‘आप’ की ओर से अंतिम फैसला हुआ और न ही केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल नजीब जंग की राष्ट्रपति शासन की सिफारिश पर मुहर लगाई।
दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एमएम कुट्टी व अतिरिक्त सचिव नीला मोहन को हटाकर दूसरे विभागों का जिम्मा सौंप दिया गया। मुख्यमंत्री के चहेते व सबसे विश्वासपात्र अधिकारी शहरी विकास विभाग के सचिव व स्थानीय निकाय निदेशक आरके श्रीवास्तव को भी गोवा के लिए तत्काल प्रभाव से रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एमएम कुट्टी के पास सूचना एवं प्रचार निदेशालय, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार का भी चार्ज था। अब इन्हें प्रधान सचिव (वित्त, योजना और पर्यटन) बनाया गया है। वहीं अतिरिक्त सचिव नीला मोहन को दक्षिण व दक्षिण पूर्व का उपायुक्त (राजस्व) बनाया गया है। वहीं आरके श्रीवास्तव की जगह शहरी विकास विभाग और स्थानीय निकाय निदेशक की जिम्मेदारी आईएएस अरुण गोयल को सौंपी गई है। इसके अलावा अन्य अधिकारी भी स्थानांतरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री समेत सरकारी बंगले में रहने वाले मंत्रियों को नोटिस
मुख्यमंत्री समेत सरकारी बंगले में रहने वालें मंत्रियों और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष को बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया। मार्च, 1994 के एक आदेश का हवाला देकर इन्हें नोटिस भेजा गया है। आदेश में साफ किया गया है कि कोई भी मंत्री या नेता प्रतिपक्ष हटने के बाद 15 दिन से अधिक नहीं रह सकता।
इस लिहाज से 8 दिसंबर को चौथी विधानसभा भंग हुई है और 23 दिसंबर को 15 दिन पूरे हो जाएंगे। उसके तहत अगर इससे अधिक रहते हैं तो बाजार कीमत के हिसाब से किराया चुकाना होगा। वह किराया किसी भी मंत्री का मासिक एक लाख रुपये से अधिक बनता है। मुख्यमंत्री के बंगले का किराया सबसे अधिक बनेगा।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अलावा अरविंदर सिंह लवली, हारून यूसुफ, रमाकांत गोस्वामी, प्रो. किरण वालिया के पास सरकारी बंगला है। इसके अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष अमरीश सिंह गौतम, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कंवर करण सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रो. वीके मल्होत्रा भी सरकारी बंगले में रहते हैं।