लोकसभा चुनाव में ताल ठोंक रहे आम आदमी पार्टी के उत्तर-पूर्वी दिल्ली उम्मीदवार वोट के साथ नोट ही नहीं, राशन व ईंधन भी मांग रहे हैं। दिलीप पांडेय ने क्राउड फ्रंडिंग का अनूठा अंदाज आजमाया है। कोशिश दैनिक इस्तेमाल में आने वाली हर चीज इकट्ठा करने की है
जिसे आम मतदाता आसानी से देने को तैयार हो जाते हैं। बाद में पार्टी कार्यालय व कार्यकर्ताओं के बीच इसका इस्तेमाल कर लिया जाता है। दूसरी तरफ दक्षिणी व पूर्वी दिल्ली में भी पार्टी उम्मीदवार अपने तरीके से चुनाव खर्च जुटा रहे हैं।
दरअसल, पर्याप्त फंड न होने से आप ने अपने उम्मीदवारों से कह रखा है कि वह अपने स्तर पर भी चुनाव खर्च का इंतजाम करें। इसके तहत आप उम्मीदवारों ने अपने-अपने स्तर पर इसकी रणनीति तैयार की है।
सबसे दिलचस्प तरीका उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दिखा है। यहां पैसे के अलावा मतदाता से सीधे जज्बाती ताल्लुकात बनाने की भी कोशिश आप उम्मीदवार की है।
मसलन, अगर कोई परिवार नकदी में चंदा नहीं दे पाता तो उससे दूध, साइकिल, गैस चूल्हा, कंबल जैसी दैनिक इस्तेमाल में आने वाली जिस भी वस्तु को दे देता है, उसे ले लिया जाता है। बाद में उसका इस्तेमाल पार्टी कार्यालय में होता है। पार्टी रणनीतिकार मान रहे हैं कि जो वोटर नोट समेत दूसरी कोई वस्तु खुशी-खुशी देने को तैयार है, वह वोट भी दे सकता है।
पूर्वी व दक्षिणी दिल्ली में भी चल रही कोशिश
पूर्वी दिल्ली से आप उम्मीदवार आतिशी भी क्राउड फंडिंग पर काम कर रही हैं। लोगों से पैसा लेने के साथ वह अपने कॉलेज की एल्युमनी एसोसिएशन से भी मदद मांग रही हैं। जबकि दक्षिणी दिल्ली से उम्मीदवार राघव चड्ढा भी अपने स्कूल के एल्युमनी एसोसिएशन से संपर्क किया है। इसके अलावा चार्टर्ड अकाउटंस की संस्था से भी मदद की उन्हें उम्मीद है।
हमारे पास चुनाव लड़ने का बड़ा बजट नहीं है। ऐसे में हम वोटर के बीच जा रहे हैं। हमारी मंशा जनता से पैसे लेकर उसी के लिए काम करने की है। कई लोग मिलते हैं, जो नकद में चंदा नहीं दे पाते। तभी हम उनसे ऐसी वस्तु स्वीकार कर लेते हैं, जिसे देने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।- दिलीप पांडेय, आप प्रत्याशी, उत्तर पूर्व दिल्ली सी