मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरपी गुप्ता की अदालत ने सुपर टेक बिल्डर समेत चार आरोपियों द्वारा एक महिला को ग्रीन बेल्ट में दुकान बेचने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। महिला ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अदालत ने आरोपियों के पेश नहीं होने पर यह कार्रवाई की है।
अधिवक्ता राजकुमार शर्मा और कपिल शर्मा ने बताया कि साहिबाबाद के रामप्रस्थ कॉलोनी निवासी सोनम ने 2006 में सुपर टेक बिल्डर के प्रह्लाद गढ़ी में बन रहे प्रोजेक्ट में 17 लाख 70 हजार रुपये में एक दुकान बुक कराई थी। उसके बाद सुपर टेक बिल्डर ने उसे प्रह्लाद गढ़ी स्थित प्रोजेक्ट में ग्रीन बेल्ट में एक दुकान दे दी थी। कुछ दिन बाद जीडीए ने दुकान को ग्रीन बेल्ट में बताते हुए उसे पहले नोटिस दिया और बाद में प्राधिकरण ने दुकान को ध्वस्त कर दिया।
इसे लेकर सोनम ने मामले की शिकायत पहले सुपर टेक बिल्डर के चेयरमैन आरके अरोड़ा से की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने इंदिरापुरम थाने में धोखाधड़ी किए जाने की तहरीर देते हुए सुपर टेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा, ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता अरोड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित अरोड़ा और डायरेक्टर जीएल खेड़ा को नामजद कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद बिल्डर समेत सभी आरोपी गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। अब स्टे की अवधि खत्म होने पर सीजेएम कोर्ट ने चारों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।