नूंह। जिले में बीते दो सप्ताह से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। नूंह खंड के गांव आकेड़ा के बाद अड़बर गांव में शुक्रवार को बुखार से 28 वर्षीय युवक वसीम की मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल में युवक की जांच कराई थी, जिसमें डेंगू निकला था। अब तक बुखार से आकेड़ा गांव में 4 और फिरोजपुर में 1 व अड़बर गांव में बुखार एक की मौत हो चुकी है।
वसीम के चाचा मजहर ने बताया कि उनके भतीजे को दो दिन तेज बुखार के साथ पेट दर्द और उल्टी हुई। इसके बाद उन्होंने गांव में उनको दवाई दिलाई। कोई फायदा नहीं होने पर शुक्रवार को वह उन्हें नूंह लेकर गए। यहां पर एक निजी अस्पताल में उनकी सभी जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद डेंगू निकला। इसके बाद निजी चिकित्सक ने उसे नल्हड़ मेडिकल कॅालेज के लिए रेफर कर दिया, जहां पर एक घंटे उपचार के बाद उनके भतीजे वसीम ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि उनके घर में दो अन्य छोटे बच्चों को भी बुखार है। बुखार से हुई इस मौत से परिजनों और ग्रामीणों में भय का माहौल है। इसके अलावा उनके पड़ोस में एक अन्य लड़की को बुखार के बाद नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अब तक गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरा नहीं किया है। इसे लेकर ग्रामीणों में काफी मायूसी है। हालांकि, अड़बर गांव के अलावा अभी तक फिरोजपुर झिरका, किरंज मेव सहित अन्य जिन जगहों पर डेंगू के मामले सामने आए हैं, उन सभी जगहों पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर सैंपल लिए जा रहे हैं। बुखार के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से सतर्क हो गई है। गांवों में फॉगिंग और स्प्रे के कार्य को तेज कर दिया गया है। अभी तक जिले में डेंगू के 25 मामले सामने आ चुके हैं।
गांव में जांच शिविर लगाने की मांग
अड़बर गांव के पूर्व सरपंच साबिर हुसैन, नासिर हुसैन, टांई गांव से अरशद चेयरमैन ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बढ़ते बुखार के प्रकोप पर काबू पाने के लिए गांव में जांच शिविर लगाया जाए। उन्होंने बताया कि इस समय लगातार गांवों में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है।
ग्रामीणों की होगी जांच
इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अड़बर गांव में युवक की मौत की अभी खबर मिली है। इस बारे में जानकारी लेकर ग्रामीणों की जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में इस समय डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों को चाहिए कि वह अपने घरों के पास किसी तरह के पानी को एकत्रित नहीं होने दें। समय-समय पर कूलर आदि की सफाई करते रहें। नालियों में जमा पानी का विशेष रूप से ध्यान रखें।