दूसरे सेक्टरों में भी मिलेगी सुविधा
अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है तो प्राधिकरण दूसरे वाणिज्यिक सेक्टरों में भी योजना लाएगा। इसके लिए प्राधिकरण की ओर से जमीन चिह्नित करने के आदेश दिए गए हैं। फिलहाल, नोएडा के सेक्टर-18 और गार्डन गलेरिया में एक तय समय के बाद पब, बार, रेस्तरां बंद हो जाते हैं।
प्राधिकरण को होगा लाभ, राजस्व बढ़ेगा
नोएडा में वाणिज्यिक प्लॉटों की बिक्री कुछ वर्षों से नहीं हो पा रही है। बीते वर्ष निकाली गई स्कीम में इक्का-दुक्का प्लॉट बिके थे। यहां के प्लॉट एक लाख रुपये प्रति वर्गमीटर से 5 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर तक हैं। नोएडा में वाणिज्यिक संपत्तियों का बाजार भाव कम है। ऐसे में प्राधिकरण की यह योजना कारगर साबित होगी तो लाभ होगा। साथ ही, राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
नोएडा में गुरुग्राम की तर्ज पर वाणिज्यिक सेक्टरों को जल्द ही रेस्तरां-बार आदि की सुविधा मिलेगी। इसका मकसद लोगों को नाइट लाइफ का आनंद दिलाना है। जल्द ही एक टीम गुरुग्राम जाकर अध्ययन करेगी। फिर प्राधिकरण की ओर से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। - लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण