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Noida News: बारिश के बाद स्ट्रीट लाइट के खंभे में उतरे करंट से महिला की मौत

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भजनपुरा की यमुना विहार सर्विस रोड पर भर गया था पानी, बेटे की रिपोर्ट लेकर आई थी निजी अस्पताल
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पानी में पैर रखते ही औंधे मुंह गिरी, गार्ड ने रबर के दस्ताने और जूते पहनकर खींचा
परिजनों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप, खंभे के तार खुले पड़े थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भजनपुरा स्थित यमुना विहार में प्रशासन की लापरवाही की वजह से पूनम (35) की जान चली गई। शनिवार सुबह तेज बारिश के दौरान यमुना विहार की सर्विस रोड पर पानी भर गया था। बेटे की रिपोर्ट दिखाने आई महिला जैसे ही अस्पताल के सामने पहुंची वहां पानी में पैर रखते ही उसे जोरदार करंट लग गया। महिला औंधे मुंह पानी में गिरी और करंट से तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। अस्पताल के गार्ड ने किसी तरह हिम्मत दिखाकर रबर के दस्ताने और जूते पहनकर महिला को पानी से खींचा। पूनम को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। पुलिस वीडियो कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुलिस के अनुसार, महिला के इकलौते बेटे को मानसिक बीमारी है। उसे दौरे पड़ते हैं। बेटा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है। महिला उसकी रिपोर्ट लेकर जानकार डॉक्टर को दिखाने जा रही थी। इस बीच वह हादसे का शिकार हो गई। भजनपुरा थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पूनम परिवार के साथ गली नंबर-19, गामड़ी एक्सटेंशन में रहती थी। परिवार में पति रविंद्र कुमार के अलावा बेटा अर्णव है। पति घर में ही परचून की दुकान चलाते हैं। पूनम का मायका अलीपुर में है। चचेरे भाई देवेंद्र ने बताया कि अर्णव को बचपन से दौरे पड़ते हैं।उसका निजी अस्पताल के अलावा सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। अर्णव फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। सुबह बारिश के बाद पूनम अपने बेटे की रिपोर्ट न्यूरो के डॉक्टर को दिखाने गई थी। मोरल अस्पताल के ठीक सामने सर्विस रोड पर बारिश का पानी भरा हुआ था। पानी में स्ट्रीट लाइट का खंभा डूबा हुआ था। अस्पताल की ओर जाने के लिए जैसे ही पूनम ने पैर पानी में रखा उसे जोरदार करंट लगा और वह वहीं पानी में गिर गई। पानी में गिरते ही वह छटपटाने लगी। गार्ड ने उसे बचाने का प्रयास किया तो उसे भी करंट लगा। गार्ड ने करंट लगने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अंदर से रबर के जूते व दस्ताने ले आया। इसके बाद पूनम को पानी से बाहर निकालकर सूखे स्थान पर लिटाया। गार्ड को जब लगा कि उसकी सांस थम चुकी है तो सीपीआर देने का प्रयास किया। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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आननफानन में निकाला पानी

पूनम के भाई ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से बहन की जान चली गई। सर्विस रोड पर बारिश का पानी भरता है, लेकिन कोई भी ध्यान नहीं देता। स्ट्रीट लाइट के खंभे में तार भी खुले पड़े थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ नगर निगम की टीम भी पहुंची और पंप लगाकर सड़क पर भरे पानी को निकाल लिया। बाद में खुले तारों की मरम्मत भी करा दी गई।
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परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

रिश्तेदार ने बताया कि पूनम के परिवार में पिता ब्रिज मोहन और मां पुष्ता के अलावा दो भाई व एक बहन है। करीब 20 साल पहले पूनम की शादी हुई थी। कई दिनों से बेटे अर्णव की तबीयत खराब चल रही थी। पूनम बेटे के लिए इधर-उधर भाग रही थी। शनिवार को वह बेटे की रिपोर्ट दिखाने आई थी। दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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