सुंदर भाटी गैंग के सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर दनकौर के गांव जुनेदपुर की मढैया निवासी संदीप नगर को पुलिस ने शुक्रवार की देर रात ग्रामीणों के भारी विरोध के बीच गिरफ्तार कर लिया। संदीप को गिरफ्तार करने पहुंची विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और उत्तर प्रदेश पुलिस को ग्रामीणों की फायरिंग और पथराव का सामना करना पड़ा। विरोध कर रहे लोगों ने पथराव कर एसटीएफ की गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और पुलिस बल पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने संदीप नागर को गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने आसपास की खेतों में छुपकर अपने आप को सुरक्षित किया। संदीप पर 30 से ज्यादा संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, वसूली, अपहरण आदि के मामले शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक संदीप नागर व उसके पुत्र पुनीत उर्फ आशू उर्फ आशीष के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी देने व रंगदारी मांगने के आरोप में वर्ष 2020 में मुकदमा दर्ज हुआ था। पिता पुत्र दोनों तभी से फरार चल रहे थे। न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ धारा -82 की कार्रवाई के निर्देश दिए थे ।
पुलिस जब भी संदीप को गिरफ्तार करने जाती तब- तब उसको ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ता था। इस बार संदीप की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी एसटीएफ की स्थानीय इकाई को सौंप गई। एसटीएफ ने शुक्रवार की देर रात थाना ईकोटेक -1 और आसपास के अन्य थानों का पुलिस बल लेकर गांव में संदीप के ठिकाने पर दबिश दी। इसकी भनक जब संदीप के समर्थक ग्रामीणों को हुई तो वह पुलिस पार्टी पर हमलावर हो गए। ग्रामीणों ने एसटीएफ की गाड़ी पर पथराव कर दिया और आसपास के घरों से एसटीएफ के साथ-साथ पुलिस बल पर फायरिंग करनी शुरू कर दी।
इसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। अन्य थानों की पुलिस बल को भी सूचना दी गई । जिसके बाद पुलिस ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। भारी विरोध के बीच आखिरकार संदीप नागर को गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात तक पुलिस ने गांव को घेर रखा है । पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन लोगों ने पथराव कर पुलिस की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया है। इसके साथ-साथ संदीप नगर के समर्थकों की तलाश में भी दबिश दी जा रही है। देर रात तक पुलिस में गांव की घेराबंदी कर रखी थी। एडीपीसी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि संदीप नगर लंबे समय से वांछित चल रहा था। भारी विरोध के बीच उसको गिरफ्तार कर लिया गया है। यह पुलिस की बड़ी सफलता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही रह चुका है संदीप
संदीप नागर पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था। अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया था। वह कुख्यात माफिया सरगना सुंदर भाटी गैंग का शार्प शूटर है। संदीप नागर पर दर्जनों मुकदमे पंजीकृत हैं और वह दनकौर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।
संदीप की गिरफ्तारी से पहले की थी गांव खाली करने की कवायद
दनकौर के गांव जुनेदपुर की मढैया में सुंदर भाटी गैंग के शार्प शूटर संदीप नागर को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने गांव को खाली करने की कवायद करनी शुरू कर दी थी। इससे ग्रामीणों को यह आशंका हो चली थी लिस गांव में कुछ असहज कर देने वाला काम करने जा रही है।
धीरे-धीरे गांव के आसपास पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ने लगी । गांव वालों को यह भनक लग गई कि पुलिस किसी को उठाने आई है। इस दौरान गांव से महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया, लेकिन संदीप नागर के ठिकाने के आसपास पुलिस की पैनी निगाह रही। कुछ ग्रामीणों को भनक लग गई की पुलिस संदीप को गिरफ्तार करने आई है। इसकी भनक लगते ही संदीप के समर्थक सक्रिय हो गए और उन्होंने जवाबी हमले की तैयारी कर ली। शुक्रवार की देर रात तक पुलिस ने करीब करीब गांव को खाली कर लिया था। रात तक गांव की घेराबंदी जारी थी।