परिजनों के बीच 17 वर्ष बाद लौटा हाकमदीन( नीली टी शर्ट में)
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तावडू। उपमंडल के गांव निजामपुर निवासी हाकमदीन 17 वर्ष पहले अचानक घर से लापता हो गए थे। जब वह शनिवार को सोहना से पैदल भिवाड़ी जा रहे थे तो गांव निवासी हारून ने उसे पहचान लिया और वह उसे घर लेकर पहुंचा। हाकमदीन के घर वापस लौटने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। पिता और उसके बच्चों की खुशी चेहरे पर साफ झलक रही थी। बाप-बेटे और उसके बच्चों के मिलन ने हर किसी को भावुक कर दिया।
पिता रहीमुदीन ने बताया कि 2005 में उसका 28 वर्षीय शादीशुदा बेटा हाकमदीन अचानक घर से गायब हो गया था। उस समय उसके चार बच्चे थे। लापता होने के बाद परिजनों की रो-रोकर आंखें पथरा गईं। आसपास के इलाके सहित दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य शहरों में परिजनों द्वारा उसकी खूब तलाश की गई। बीते 17 साल में ऐसी कोई शाम नहीं बीती जब उसने अपने बेटे को याद नहीं किया हो। उन्होंने बताया कि हाकमदीन की पत्नी की 2017 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पत्नी की इस मौत की खबर से हाकमदीन सदमे में है। वहीं घर लौटे हाकमदीन का कहना है कि मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। इससे वह नाराज था। इसी गुस्से में वह वर्ष 2005 में घर छोड़ कर दिल्ली चला गया था। वहां से मुंबई चला गया। करीब 10 साल बाद अहमदाबाद पहुंच गया। इसी तरह वहां पर भी कुछ साल गुजारने के बाद अजमेर पहुंचा, फिर गुरुग्राम और आखिर में सोहना पहुंच गया। इस दौरान उसने फुटपाथ पर सोकर अपना वक्त गुजारा और मेहनत-मजदूरी कर अपना खर्चा चलाता रहा। कई बार उसे भूखे पेट भी सोना पड़ा था। शनिवार को जब वह सोहना से पैदल भिवाड़ी जा रहे थे तो गांव निवासी हारून ने उसे पहचान लिया और वह उसे घर लेकर पहुंचा। अचानक हाकमदीन को घर पर देखकर पिता रहीमुदीन भावुक हो गए और गले लिपट कर रोने लगे। हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने इस मामला में पुलिस से कोई शिकायत नहीं की थी।