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टैक्सी खराब हुई तो यू-ट्यूब से सीखकर नकली नोट छापने लगा

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पुलिस की गिरफ्त मे आरोपी। संवाद - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। मथुरा निवासी विकास सिंह पुरानी कार टैक्सी के रूप में चलाकर गुजारा चलाता था, लेकिन कुछ माह पहले उसकी कार खराब हो गई। इससे आरोपी बेरोजगार हो गया। इसके बाद उसने यू-ट्यूब पर नकली नोट बनाने का तरीका ढूंढा और सौ-सौ के नकली नोट प्रिंटर आदि की मदद से छापने लगा। आरोपी बुलंदशहर निवासी अपने साथी त्रिवेंद्र शर्मा की मदद से साप्ताहिक बाजार में नकली नोट चलाकर सामान खरीदने लगा। दोनों आरोपी एक माह में हजारों रुपये के नकली नोट इसी तरह चला चुके थे, लेकिन मुखबिर की सूचना पर ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम गिरफ्तार कर लिया।
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ईकोटेक-3 थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विकास नोएडा के छलेरा गांव में किराये के मकान में रह रहा था। उसने बेरोजगार होने पर तुस्याना गांव में किराये पर रहने त्रिवेंद्र शर्मा को साथ मिला लिया। त्रिवेंद्र मूलरूप से बुलंदशहर के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के गांव शहवाजपुर दौलत का रहने वाला है। वह पहले एक निजी कंपनी में काम करता था, लेकिन काम छूटने के बाद किसी नए काम की तलाश में था। विकास ने यू-ट्यूब की मदद से नोट छापना सीखा और लैपटॉप-प्रिंटर आदि की व्यवस्था कर छलेरा स्थित कमरे में नोट छापने लगा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर, एक ब्लेड पेपर कटिंग, ए-4 साइज के 52 पेपर, एक पैमाना आदि सामान बरामद किए हैं।
सौ का नोट देकर खरीदते थे 10-20 रुपये का सामान
विकास नकली नोट त्रिवेंद्र को देता था। त्रिवेंद्र इन नोटों को साप्ताहिक बाजार में चलाकर दस या बीस रुपये का सामान रेहड़ी पटरी से खरीदकर बचे हुए पैसे रख लेता था। कई बार विकास सिंह भी इसी तरह बाजार में नोट चलाता था। आरोपियों का कहना था कि सौ के नोट को ध्यान से कोई नहीं देखता। इस कारण वह सौ रुपये का ही नोट छापकर चलाते थे।
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