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Noida News: प्रशासन ने सख्ती की तो सुपरटेक ने जमा कराया दो करोड़ का चेक

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प्रशासन ने सख्ती के बाद सुपरटेक ने जमा कराया दो करोड़ का चेक
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- बृहस्पतिवार को तहसील में जाकर बिल्डर ने कराया चेक जमा, तीन करोड़ जमा करने का दिया प्लान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वित्तीय वर्ष में मिली 300 करोड़ रुपये की आरसी की वसूली को लेकर प्रशासन ने बिल्डरों पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह सुपरटेक पर सख्ती के बाद बिल्डर ने बृहस्पतिवार को दो करोड़ रुपये का चेक तहसील में जाकर जमा करा दिया है। साथ ही तीन करोड़ की आरसी का भी जल्द निपटारा कराने का आश्वासन दिया है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि किसी भी बिल्डर को तब तक बख्शा नहीं जाएगा जब तक पूरी वसूली नहीं की जाएगी। सात बिल्डरों पर अगले तीन माह में 100 करोड़ की वसूली का लक्ष्य रखा है। बिल्डरों की आरसी को वसूलने के लिए सोमवार से फिर अभियान शुरू होगा।
एसडीएम दादरी आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि जारी वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपये आरसी की वसूली करने का लक्ष्य मिला है। जिसे पूरा करने के लिए अधिकारियों ने बिल्डरों पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह सख्ती की गई थी तो सुपरटेक ने बृहस्पतिवार को दो करोड़ रुपये का चेक तहसील आकर जमा करा दिया है। चेक यूपी रेरा को पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा तीन करोड़ रुपये का भी बिल्डर की ओर से प्लान दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगले तीन माह में कम से कम 100 करोड़ रुपये की रिकवरी करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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फ्लैट बुक कराकर कर्ज के जाल में फंसे निवेशक
अधिकारियों की माने तो कुछ निवेश ऐसे हैं कि उन्होंने नौकरी या पेंशन पर फ्लैट की बुकिंग कराते हुए लोन ले लिया। वही पहले से भी किराए पर थे और फिर फ्लैट की बुकिंग कराकर लोन की किस्त भी देनी मजबूरी हो गई। ऐसे में परिवार का लालन-पालन करने के लिए लोगों को कर्ज लेना पड़ा गया।
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एक दशक से कर रहे लोग आशियाने का इंतजार
सुपरटेक समेत कई बिल्डरों प्रोजेक्ट में लोगों को फंसे हुए एक से डेढ़ दशक का समय बीत चुका है। मगर आज तक उनको न तो फ्लैट पर कब्जा मिला और न रजिस्ट्री हुई। जबकि 20 फीसदी निवेशकों को आज तक यह ही पता नहीं है कि उनको फ्लैट मिलेगा भी कि नहीं। वहीं यूपी रेरा और प्रशासन की ओर से लगातार मिल रही मदद से यह उम्मीद जरूर हो गई है कि यदि आशियाना नहीं मिलेगा तो पैसे तो मिल ही जाएंगे।
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