सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा- कृष्णा नगर का क्लिनिक कर रहा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भाजपा नेता गौतम गंभीर के बाद अब सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी राजनीति छोड़ने की घोषणा की है। चांदनी चौक से टिकट नहीं मिलने के बाद रविवार को एक्स पर किए काफी लंबे पोस्ट में उन्होंने समर्थकों को धन्यवाद देते हुआ कहा कि संघ नेतृत्व के आग्रह पर चुनावी मैदान में उतरे थे। उनके लिए राजनीति का मतलब मुख्य तीन शत्रु हैं जिनमें गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना था।
तीस साल से ज्यादा का राजनीतिक सफर शानदार रहा। इस दौरान पांच विधानसभा व दो लोकसभा चुनाव लड़े। बड़े अंतर से जीत भी दर्ज की। राज्य और केंद्र के साथ ही पार्टी संगठन में कई पदों पर काम किया। अब वापस जड़ों की तरफ लौटना चाहता हूूं। पचास साल पहले जब गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने की इच्छा के साथ कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया था, तब मानव जाति की सेवा ही आदर्श वाक्य था। स्वयंसेवक के रूप में कतार के अंतिम व्यक्ति की सेवा करने की कोशिश की। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन पर पूरा विश्वास है। ये उनकी अद्भुत पारी रही। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर पोलियो मुक्त भारत बनाने में सहयोग किया। केंद्र में मंत्री रहने के दौरान कोविड के समय देशवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करने का मौका मिला। मुझे वादे निभाने हैं और सोने से पहले मीलों चलना है। मेरा एक सपना है। जानता हूं कि आपका आशीर्वाद हमेशा साथ रहेगा। कृष्णा नगर में मेरा ईएनटी क्लिनिक भी मेरी वापसी का इंतजार कर रहा है।