-छात्रों का आरोप कई प्रयासों के बाद लॉग इन नहीं कर पाए
-विवि प्रशासन ने कहा, 85 फीसदी छात्रों का हुआ मूल्यांकन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बुधवार को स्नातक कोर्सेज के लिए आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा हुई। पहले दिन ही छात्रों ने आंतरिक मूल्यांकन के दौरान वेबसाइट क्रैश होने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि कई प्रयासों के बाद भी वह वेबसाइट पर लॉग इन नहीं कर पाए। छात्रों का आरोप है कि इसी कारण से काफी छात्र आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा नहीं दे पाए। प्रशासन ने छात्रों के सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि पहले दिन ही 85 फीसदी छात्रों का मूल्यांकन हुआ है।
एसओएल छात्रों की दूसरे सेमेस्टर की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा बुधवार (आज) से शुरु हो गई। क्रांतिकारी युवा संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन के कुप्रबंधन के कारण छात्रों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। संगठन ने वेबसाइट क्रैश होने, सर्वर डाउन होने, पोर्टल पर लॉग इन न कर पाने, या फिर काफी देर से लॉग इन करने का आरोप लगाया है। छात्रों का आरोप है कि कई कोशिशों के बाद भी वह लॉग इन नहीं कर पा रहे थे। कई छात्रों को परीक्षा शुरू होने के कुछ घंटों बाद अपने पोर्टल पर लॉग-इन संबंधित मैसेज मिले। ऐसी समस्याओं के कारण कई छात्र अपनी परीक्षा समय पर खत्म नहीं कर पाए या परीक्षा दे ही नहीं पाए।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो पायल मागो ने छात्रों के सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास जो उपस्थिति आई है, उसमें 85 फीसदी छात्रों ने आंतरिक मूल्यांकन की परीक्षा को दिया है। पहले दिन 43,103 छात्र पंजीकृत थे जिसमें से 36, 151 ने परीक्षा को दिया। उन्होंने कहा कि हमने पोर्टल पर क्लाउड सर्विसेज क्षमता को चार गुणा बढ़ाया था। हमारे सर्वर काफी मजबूत थे, ऐसे में वेबसाइट क्रैश होने की कोई संभावना ही नहीं है। हमारे पास किसी छात्र ने आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा नहीं दे पाने की कोई शिकायत नहीं की है।
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पाठ्य सामग्री न मिलने का भी आरोप
छात्रों ने अब तक पाठ्य सामग्री नहीं मिल पाने का आरोप भी लगाया है। छात्रों का आरोप है कि जिन्हें पाठ्य सामग्री मिली भी है, उन्हें पूरी किताबें नहीं दी गई। सामग्री की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। उनमें व्याकरण, वाक्य निर्माण, ऐतिहासिक शख्सियतों के नामों की गलत वर्तनी और तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारियों की भरमार है।