नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित ट्विन टावर के बेसमेंट में पानी भरने से इंजीनियरों की परेशानी बढ़ गई है। इंजीनियर दो दिन से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पंपसेट लगाकर पानी निकालते ही बेसमेंट में फिर से पानी भर जा रहा है। फिलहाल यह पता नहीं चला पाया है कि बेसमेंट में पानी कहां से आ रहा है। इंजीनियरों की टीम यह पता लगाने में जुटी है।
एडिफिस कंपनी करीब एक माह से ट्विन टावर गिराने की तैयारी कर रही है। 200 से अधिक मजदूर टावर के फ्लैटों के अंदर और बाहर की दीवारें तोड़ने में जुटे हैं। इससे निकले हुए मलबे को टावर के बेसमेंट में भरना था। मगर जब बेसमेंट में काम करने की बारी आई तो पता चला कि उसमें एकाएक उसमें कहीं से पानी भर गया है। पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। इंजीनियरों की टीम ने बेसमेंट में पंपसेट लगाकर पानी बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी पानी को बाहर निकालने में कितना समय लगेगा इसका पता नहीं है। पानी का स्तर कम नहीं होने से इंजीनियरों की परेशानी बढ़ गई है। प्लान के अनुसार सोमवार से बेसमेंट में मलबा भरने की तैयारी थी। पानी नहीं निकलने से इंजीनियर वैकल्पिक प्लान बनाने की तैयारी में जुटे हैं।
21 मंजिल तक लगाए विस्फोटक लगाने के निशान
इंजीनियरों की देखरेख में ट्विन टावर के 21 मंजिल तक विस्फोटक लगाने के लिए निशान बना दिए गए हैं। जल्द ही पूरे टावर पर निशान लगा दिया जाएगा। कंपनी की ओर से दीवारों की पेंटिंग भी कराई जा रही है। इस पर अहम दिशानिर्देश लिखे जाएंगे।
आसपास की सोसाइटियों में दहशत, बीमा कराने के लिए लिखा पत्र
नोएडा। ट्विन टावर गिराने का दिन जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है। टावर के आसपास बनी सोसाइटियों में रहने वाले लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। इनमें कई सोसाइटी निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर भवन की सुरक्षा के लिए बीमा कराने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। सेक्टर-93 स्थित पार्श्वनाथ प्रेस्टीज सोसाइटी के एओए अध्यक्ष रजनीश नंदन ने प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी को पत्र लिखकर सोसाइटी का बीमा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जिस दिन विस्फोट होगा उस दिन उनकी सोसाइटी को नुकसान भी हो सकता है। उन्होंने सोसाइटी और सोसाइटी निवासियों की सुरक्षा के लिए बीमा कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी निवासियों में डर का माहौल है। वहीं, सेक्टर-110 लोटस पनाचे सोसाइटी निवासी पुष्कर चांदना ने कहा की भवन के गिराने दौरान होने वाले प्रदूषण के प्रभाव से 3 किमी के दायरे में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित रखने के लिए प्राधिकरण द्वारा अभी भी कोई साफ वक्तव्य नहीं दिया गया है। उन्होंने यूपीपीसीबी अधिकारियों समेत डीएम और प्राधिकरण के सीईओ से धूल प्रदूषण नियंत्रित करने की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है। वही, ट्विन टावर के सबसे करीब सेक्टर-93 एमराल्ड कोर्ट निवासी गौरव और संजय शारदा ने कहा है कि प्राधिकरण और एडिफिस कंपनी को टावरों को सुरक्षित गिराने की व्यवस्था करनी चाहिए। ब्यूरो