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घर बैठकर निरस्त करा सकेंगे वाहन का पंजीकरण, जल्द बनेगा नियम

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केंद्र में कार की बॉडी को कबाड़ बनाती मशीन।
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नोएडा। परिवहन विभाग की अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। शेष को भी ऑनलाइन करने में सरकार जुटी है। इसके लिए कबाड़ एवं पुनर्चक्रण सुविधा केंद्र बनाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन मंत्रालय जल्द ही एक नियम बनाने जा रहा है। इससे घर बैठे वाहन का पंजीकरण निरस्त करा सकेंगे। यह मुद्दा मंगलवार को कबाड़ एवं पुनर्चक्रण सुविधा केंद्र के उद्घाटन के दौरान उठा था। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों से चर्चा की और जल्द ही इस नियम को लागू करने की बात कही।
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कबाड़ एवं पुनर्चक्रण सुविधा केंद्र पर अधिक से अधिक पुराने वाहनों को खत्म कराया जाए। इसके लिए वाहन स्वामियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक वाहनों को कबाड़ी को बेचा जाता था। उसका पंजीकरण निरस्त कराने के लिए लोगों को परिवहन विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। अब ऐसा नहीं होगा। जल्द ही लोग घर से ही पंजीकरण निरस्त करा सकेंगे। कबाड़ एवं पुनर्चक्रण सुविधा केंद्र से मिले प्रमाणपत्र को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से पंजीकरण को निरस्त कर दिया जाएगा। सरकार की ओर से जल्द ही इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
एक कॉल पर पहुंचेंगे कंपनी के कर्मचारी
मारुति सुजुकी तोयोत्सु इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एमएसटीआई) ने नोएडा में एक कबाड़ व पुनर्चक्रण सुविधा केंद्र शुरू किया है। इसके टोल फ्री नंबर 18004193530 पर वाहन स्वामी को कॉल करनी होगी। मेल से भी जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर दस्तावेज और स्थिति को देखकर गाड़ी की कीमत बताएंगे। सौदा तय होने पर वाहन को कंपनी ले जाकर कबाड़ में बदल देंगे। इसके बाद एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। उससे नई कार के रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स पर छूट दी जाएगी। अधिकारियों की माने तो दिल्ली सरकार ने रजिस्ट्रेशन माफ करने और रोड टैक्स में छूट देने का दावा किया है। हालांकि, इस पर अभी बात करना बाकी है। इसके अलावा कॉल पर कर्मचारी घर पहुंचेंगे। कागजी कार्रवाई के बाद प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वाहन की कीमत ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
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वजन और लोहे के भाव के अनुसार मिलेगी कीमत
स्क्रैप यूनिट में बाजार का भाव देखकर ही वाहनों की कीमत लगाई जाएगी। सबसे पहले वाहन का वजन किया जाएगा। इसके बाद लोहा, एल्यूमिनियम और टायर आदि की स्थिति देखकर ही पैसा दिया जाएगा। बाजार भाव से मतलब है कि यदि किसी वाहन का वजन 500 किलो है और बाजार में लोहे का भाव सस्ता है तो कार की कीमत भी कम लगेगी। यदि लोहे का रेट अधिक होगा तो उसी के अनुसार कीमत लगाई जाएगी।
शोरूम से कम मिलेंगे पैसे पर लाभ होगा ज्यादा
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि शोरूम की अपेक्षा उनके द्वारा वाहन की कीमत कुछ कम लगाई जाएगी, लेकिन उनके यहां वाहन को स्क्रैप यूनिट पर देने से फायदा अधिक होगा। प्रमाणपत्र से रोड टैक्स में छूट मिलेगी। वहीं, सरकार रजिस्ट्रेशन को भी माफ करने की तैयारी में है। यह लाभ केवल उन लोगों को ही मिलेगा, जो वैद्य स्क्रैप यूनिट पर पुराने वाहन को बेचेंगे। यदि वाहन आपके नाम नहीं है तो एमएसटीआई कंपनी गाड़ी नहीं खरीदेगी। केवल वैद्य वाहन को ही खरीदकर कबाड़ बनाया जाएगा।
टायर के वेस्ट से होगी बचत
टायर के वेस्ट से फाइबर तैयार किया जा रहा है और इसका प्रयोग पुल आदि बनाने में किया जाता है। अभी मेट्रो के दो पिलर के बीच केवल 30 मीटर दूरी होती है, लेकिन भविष्य में ऐसी योजना तैयार की जा रही है कि खराब टायरों से निकले वेस्ट से ब्रिज बनाने और मेट्रो लाइन तैयार करने में दूरी बढ़ाकर 120 मीटर की जा सकेगी। इससे 30 फीसदी तक खर्च कम हो जाएगा।
एक वाहन को 200 मिनट में किया जाएगा खत्म
वाहन को स्क्रैप सेंटर पर लाने के बाद कर्मचारी सबसे पहले सीएनएजी, एसी गैस, बैटरी, एयरबैग आदि को अलग करेंगे। फिर वाहन में तेल और तरल पदार्थों को अलग किया जाएगा। इसके बाद टायर और रबर संबंधित सामान को निकाला जाएगा। फिर वायरिंग को अलग करते हुए गाड़ी के रिम से लेकर सभी वस्तुओं को अलग करने के बाद मशीन में डाला जाएगा। यह प्रक्रिया 200 मिनट में पूरी हो जाएगी।
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