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मंडी में लगवाई वैक्सीन, तब मिली खाद

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तावडू। डीएपी खाद लेने के लिए एक बार फिर किसानों में बेचैनी देखी गई। बुधवार को शहर में खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही सैकड़ों किसान एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा हो गए। शहर की नई अनाज मंडी में 800 डीएपी बैग की खेप पहुंची जिसकी भनक लगते ही महिलाओं सहित सैकड़ों किसान उप मंडल अधिकारी कार्यालय के बाहर जमा हो गए। स्थानीय प्रशासन ने उन्हीं किसानों को खाद वितरित किया जिन्होंने या तो पहले से ही वैक्सीन लगवाई हुई थी या मौके पर ही टीकाकरण कराया।
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टीकाकरण की नई नीति शुरू होने से किसान भी काफी खुश नजर आए और वैक्सीन लगवाने के बाद ही लाइन में लग खाद के टोकन लिए। इस दौरान अच्छी खासी तादाद में पहुंची महिला किसान भी टीकाकरण को लेकर उत्साहित दिखी। महिला किसान जैतूनी, अंग्रेजों, अफसरी व शबनम खान ने कहा कि वह लोग आधार कार्ड की प्रतियां लाए तो डीएपी खाद लेने के लिए थी लेकिन इसी के साथ उन्हें वैक्सीन लग रही है, एक पंथ दो काज यह अच्छा है। महिलाओं ने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली बाकी लाभकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए टीकाकरण अनिवार्य कर देना चाहिए। एसडीएम कार्यालय में टीकाकरण अनिवार्य लागू करने का असर भी देखने को मिला। जहां पहले एक शिविर में 70 से 80 लोग ही टीके लगवाते थे बुधवार को यह आंकड़ा 170 पर पहुंच गया। जिसमें 120 लोगों को पहली डोज, 50 लोगों को दूसरी डोज जबकि 70 किसान ऐसे थे जो पहले ही वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके थे। यह नई व्यवस्था लागू होने से पुलिस को भी स्थिति संभालने में आसानी रही।
मोहम्मदपुर अहिर में खाद वितरण में गड़बड़ी के आरोप
बुधवार को उपमंडल के गांव मोहम्मदपुर अहिर में डीएपी खाद निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूल कर किसानों को खाद बांटा गया। नगर के दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने आधार कार्ड की एक प्रति जमा कर दो डीएपी बैग की 2500 रुपये कीमत अदा की है। सरकार द्वारा 12 सौ रुपये प्रति बैग निर्धारित की हुई है। उन्होंने बताया कि वितरक किसानों की मजबूरी का फायदा उठा कर खुलेआम अधिक पैसे वसूल कर रहा है। तावडू एसडीएम सुरेंद्र पाल ने कहा कि मोहम्मदपुर अहिर में डीएपी खाद निर्धारित मूल्य से ज्यादा बेचने की शिकायत उनके पास आई है। मामला उपमंडल कृषि अधिकारी को भेजा गया है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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