नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उपहार अग्निकांड मामले के साक्ष्यों से छेड़छाड़ के दोषी अंसल बंधुओं की अपील पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। सुशील अंसल और गोपाल अंसल ने सत्र अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उनकी सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया गया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें व अन्य को सात साल कैद की सजा सुनाई थी।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने याचिका पर पुलिस और मामले में पीड़ितों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई छह जनवरी तय की है। यह मामला उपहार सिनेमा अग्निकांड के 1997 के मुख्य मामले में सबूतों से छेड़छाड़ से संबंधित है। इस अग्निकांड में 59 लोगों की मौत हो गई थी।
अंसल बंधुओं ने सत्र न्यायालय के तीन दिसंबर के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है जिसमें उन्हें दी गई साल साल कैद की सजा को निलंबित नहीं किया है। दोषियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने न्यायालय को बताया कि सजा निलंबित नहीं करने का निचली अदालत का आदेश पूरी तरह से कानूनी कमजोरियों और अवैधताओं से प्रभावित है।
उन्होंने कानूनी पहलुओं का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय से निचली अदालत के तीन दिसंबर के आदेश को रद्द करने और अपने मुवक्किलों की सजा को निलंबित करने की मांग की है।
निचली अदालत ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ के मामले में रियल एस्टेट कारोबारी सुशील अंसल और गोपाल अंसल व अन्य को दोषी ठहराते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों ने इस सजा के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। अपील का निपटारा होने तक सजा स्थगित करने की मांग की थी। सत्र न्यायालय ने सजा निलंबित करने से इनकार कर दिया था।