इस बिल की प्रस्तावना में लिखा है कि यह बिल अन्य बातों के साथ-साथ जनसंख्या को स्थिर करने और दो बच्चों के मानदंड को बढ़ावा देने के लिए लाया जा रहा है। विहिप दोनों बातों से सहमत है। हालांकि, बिल के सेक्शन 5, 6(2) और 7 कहा गया है कि जिन सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों का सिर्फ एक ही बच्चा होगा, उन्हें इंसेटिव दिया जाएगा। इस नियम पर विहिप ने आपत्ति जताई है।
जानकारी के मुताबिक, विहिप ने अपने पत्र में कुल प्रजनन दर का भी उल्लेख किया। इसमें बताया गया कि बिल में प्रजनन दर को 1.7 फीसदी तक लाने की योजना है। विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि अगर एक बच्चे की पॉलिसी लाई जाती है तो इससे समाज में आबादी का असंतुलन पैदा होगा। सरकार को इस बारे में दोबारा विचार करना चाहिए। अन्य इसका असर नेगेटिव ग्रोथ पर हो सकता है।