सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को दो महीने के भीतर फ्लैट खरीदारों को 12 फीसदी ब्याज के साथ रकम लौटाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बिल्डर को एक महीने के भीतर एमराल्ड कोर्ट ऑनर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को हर्जाने के तौर पर दो करोड़ रुपये चुकाने का भी निर्देश दिया है।
चार दशक की हिदायत बेअसर, खामियाजा भुगत रहे खरीदार
पीठ ने कहा, यह अदालत पिछले चार दशक से इसी बात पर जोर दे रही है कि प्राधिकरण निर्माण योजनाओं और इससे जुड़े नियमों को मंजूरी देने में कानून का पालन करें। लेकिन दुर्भाग्यवश बिल्डरों और प्राधिकरणों की नापाक सांठगांठ का खामियाजा खरीदारों को अब तक भुगतना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। खरीदारों को सही जानकारी से वंचित रखते हुए उन्हें गुमराह किया गया। लिहाजा, कानून को उनकी जायज चिंताओं की रक्षा करने के लिए आगे आना होगा।
टावरों के बीच की दूरी नियम का भी उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टावरों के बीच न्यूनतम दूरी के नियम के उल्लंघन के बारे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने प्राधिकरण को लिखा, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही इसकी जांच की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों टावर को बनाने की मंजूरी 26 नवंबर, 2009 को मिली थी, लेकिन उसका निर्माण पांच महीने पहले ही शुरू हो चुका था। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।