पुन्हाना। रविवार और सोमवार नूंह जिला में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बेमौसम बरसात से किसानों की हजारों एकड़ खेतों में बोई हुई सरसाें की फसल खराब हो गई है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ गया है।
गांव ख्वाजलीकला निवासी खलील, शहीद, हिदायत, ताहिर, शिकरावा निवासी आजाद, अख्तर, लियाकत, जमशेद सहित कई किसानों ने बताया कि इस बार बेमौसम बरसात होने से उनका काफी नुकसान हो गया है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ सरसों की बिजाई पर करीब दस हजार रुपये का खर्चा हो जाता है। किसान जिस खेत में सरसों बोते हैं उसको साडी यानी (बिना खरीब की फसल बिजाई) के रखते हैं। उन्होंने बताया कि एक एकड़ सरसों के खेत की बिजाई में एक डीएपी कट्टा, 2700 रुपये की सरसों, करीब पांच हजार रुपये की खेत की जुताई, बुआई पर खर्चा सहित एक एकड़ पर दस हजार रुपये का खर्चा होता हैं। उन्होंने बताया कि अगर दाना निकलने से पहले बरसात हो जाती है तो सरसों का बीज और खाद खराब हो जाती है। उसके बाद दोबारा से ही किसानों को खाद बीज डालना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि अभी कुछ दिन पहले ही सरसों की बिजाई की थी। अभी तक पौधा जमीन से नहीं निकला है। रविवार और सोमवार को भी हुई बेमौसम बारिश से अब खेतों में पपड़ी जम गई है जिससे पौधा बाहर नहीं निकल पाएगा। और फसल खेतों में ही खराब जाएगी। किसानों को दोबारा बुवाई करने से समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पडे़गा। किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात से बाजरे की खेतों में कटी हुई फसल भीगकर खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले ही महंगी खाद व महंगे बीज की मार झेल रहे हैं ऐसे में रही सही कसर बेमौसम बारिश ने पूरी कर दी है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से मांग कि है उनके हुए नुकसान को देखते हुए उन्हें आर्थिक मदद दी जाए ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।