ग्रेटर नोएडा। जिला कारागार के कुछ बंदियों को कोरोना काल के दौरान पैरोल पर छोड़ा गया था। 15 नवंबर तक सभी की पैरोल की अवधि खत्म हो रही है। इससे पहले जिन बंदियों की पैरोल खत्म हो चुकी है, उनमें से दो बंदी फरार हो चुके हैं। इनके बारे में जेल प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है।
जिला कारागार के अधिकारियों ने बताया कि दूसरी लहर के दौरान कई बंदियों का परिवार कोरोना की चपेट में आ गया था। इस दौरान कोर्ट के आदेश के बाद 27 बंदियों को पैरोल पर अलग-अलग तिथियों में छोड़ने का निर्देश मिला था। इस पर अमल करते हुए उन्हें जेल से छोड़ दिया गया। पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद सिर्फ 4 बंदी ही लौटे हैं। वहीं, 15 बंदियों ने मुकदमों की पैरवी कर न्यायालय से जमानत ली है। एक बंदी गाजियाबाद जेल में बंद है, जबकि कुछ पैरोल के दौरान ही आपराधिक वारदात को अंजाम देकर दोबारा जेल पहुंच गए हैं। 6 बंदियों की पैरोल की अवधि भी 15 नवंबर तक पूरी हो रही है। इन बंदियों के पेरोल की अवधि पूरी होने के बाद जेल में आने की सूचना है।
कोरोना के कारण 27 बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था। इनमें से दो फरार हैं। 15 बंदियों को जमानत मिल चुकी हैं। 6 बंदियों ने पैरोल अवधि पूरी होने के बाद आने की बात कही है, जबकि चार बंदी लौट आए हैं। - अरुण प्रताप सिंह, जेल अधीक्षक, गौतमबुद्धनगर