नूंह। खंड के गांव शाहपुर नंगली में बांग्लादेश की दो नाबालिग लड़कियों की तस्करी कर उन्हें अवैध रूप से अपने कब्जे में रखने का मामला सामने आया है। नूंह सिटी थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिगों को छुड़ा लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अभी मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस के अधिकारी इस पूरे मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बांग्लादेश की दोनों नाबालिग लड़कियां (रोहिंग्या) बर्मा की रहनी वाली बताई जा रही हैं जोकि बर्मा से बांग्लादेश पहुंची थीं। कुछ दलालों के जरिये दोनों नाबालिग लड़कियां दिल्ली पहुंचीं और उसके बाद करीब डेढ़ माह पहले अक्टूबर 2021 नूंह (मेवात) लाई गईं। यहां दलालों द्वारा नाबालिग लड़कियों को नूंह खंड के गांव घासेड़ा और मालब गांव में एक मकान में रखा गया। दलालों ने नाबालिग लड़कियों को नूंह के शाहपुर नंगली गांव में बसे रोहिंग्या मुसलमानों के शिविर में रखा। यहां रहने के दौरान एक अन्य रोहिंग्या मुसलमान द्वारा नाबालिग लड़कियों की पहचान करते हुए रिश्तेदारी निकल आई और नाबालिग लड़कियों ने आपबीती बताई। इसके बाद रोहिंग्या मुसलमान ने सारे मामले व दलालों के बारे में सीआईडी को जानकारी देकर पूरे मामले के बारे में अवगत कराया। पुलिस और सीडब्ल्यूसी की टीम दोनों नाबालिग लड़कियों को अपने साथ ले गई। सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग में दोनों नाबालिग लड़कियों ने आपबीती बता दी। दोनों नाबालिगों को तावडू खंड स्थित बालगृृह में भेजा गया है। पुलिस ने गुरुवार को रोहिंग्या मुसलमान हफीज अहमद पुत्र शाह आलम, नूर कबीर पुत्र मोहम्मद हसन और नूंह वार्ड 7 निवासी मोहम्मद अयास पुत्र फजल अहमद के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच अधिकारी के अनुसार पुलिस इस मामले में बारीकी से जांच कर रही है कि आरोपियों के सुराग और कहां-कहां पर जुड़े हुए हैं।