टि्वन टावर में पत्थर गिरने से रोकने के लिए लगाया गया जाल। अमर उजाला
नोएडा। ट्विन टावर प्रकरण में प्राधिकरण के अधिकारियों ने तय समय में आरोपपत्र का कोई जवाब नहीं दिया है, बल्कि इससे बचने के लिए कोई न कोई नया पत्र मांग रहे हैं। वहीं, आला अधिकारियों का कहना है कि इस सप्ताह सभी अधिकारियों को अंतिम नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाएगा। इसके बाद भी जवाब नहीं आने पर आगे की कार्रवाई होगी।
ट्विन टावर बनाने में नियमों की अनदेखी की गई थी। इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने भी भ्रष्टाचार की आशंका व्यक्त करते हुए गंभीर टिप्पणी की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विभागीय जांच के निर्देश दिए थे। इसमें अधिकारियों की जांच के लिए प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण कुमार मिश्रा नियुक्त किए गए थे। मार्च में अधिकारियों को आरोपपत्र जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया था। अब समय पूरा हो चुका है, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस प्रकरण में प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ रहे मोहिंदर सिंह, एसीईओ आरपी अरोड़ा, ओएसडी यशपाल सिंह आदि समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं।
लोगाें ने उठाए सवाल तो कंपनी ने भेजा वीडियो
सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट में रविवार को आरडब्ल्यूए और आम नागरिकों की बैठक हुई। इसमें लोगों ने फोन पर एडिफिस कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की। निवासियों ने मांग की कि ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण के दिन धूल काफी उड़ेगी। ऐसे में कई साल पुराने पौधे और पार्क आदि खराब हो जाएंगे, इन्हें सुरक्षित रखने के लिए क्या योजना बनाई गई है। वहीं, 10 अप्रैल को मिनी ब्लास्ट का भी प्रस्तुतीकरण देने की मांग की। सोसाइटी निवासी गौरव मल्होत्रा ने बताया कि एडिफिस के अधिकारियों से तोड़फोड़ की पूरी जानकारी ली गई तो कंपनी की ओर से बताया गया कि काफी एहतियात के साथ काम किया जा रहा है और उसका वीडियो भी निवासियों को साझा किया गया है। मिनी ब्लास्ट से पहले लोगों को जानकारी दी जाएगी। इसके बाद ही आगे का काम किया जाएगा। पौधे ओर पार्क को सुरक्षित रखने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। ब्यूरो