ग्रेटर नोएडा। एसआईटी की टीम ने शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में करीब पांच घंटे तक बैठक की। इस दौरान दस्तावेज खंगाले गए। कुछ तथ्यों पर प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई जो जिलाधिकारी ने उपलब्ध करा दी। बताया जा रहा है कि एसआईटी की टीम ने जांच पूरी कर ली है। जल्द रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। रविवार को एसआईटी के अध्यक्ष व राजस्व परिषद के चेयरमैन संजीव मित्तल लखनऊ लौटेेंगे।
ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में अपात्रों को पट्टों का आवंटन, पट्टों की जमीन का नियमों के खिलाफ जाकर क्रय-विक्रय होना और मुआवजा उठाया गया था। इसकी शिकायत शासन स्तर पर की गई थी। शासन ने 30 मई को राजस्व परिषद के चेयरमैन की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। बृहस्पतिवार से एसआईटी की टीम जिले में घोटाले की जांच कर रही है। शनिवार को भी एसआईटी की टीम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बैठक की। इसमें प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी की टीम को पहले दिन रिपोर्ट सौंप दी थी। टीम ने कुछ अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। वह जानकारी उपलब्ध करा दी गई।
सात लोगों के नाम हुआ था बैनामा
शिकायतकर्ता का कहना है कि तुस्याना गांव में पट्टों की जमीन एक कंपनी ने खरीदी थी। बाद में उस कंपनी से सात लोगों ने फर्जी तरीके से जमीन खरीदी और मुआवजा उठाया। इनमें कई नेता और अन्य लोग शामिल हैं। प्राधिकरण से भूखंडों का आवंटन भी कराया गया है। इसकी जांच सीबीआई या ईडी से कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने एसआईटी गठित कर दी।