नगीना। भोपाल 11 महार रेजीमेंट में तैनात सैनिक मोनूराम पहलवान (25) सोमवार सेना के कु श्ती प्रशिक्षण कैंप के दौरान शहीद हो गए। दिल्ली बटालियन मंगलवार को 5 बजे जिले के गांव जाटका में तिरंगे से लिपटाकर उनका पार्थिव शरीर लेकर पहुंची। जिन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जिसे देख क्षेत्र के हिंदू -मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। उन्हें अश्रुपूरित श्रृद्धांजलि दी गई। सवा 6 बजे बटालियन ने सलामी दी।
शहीद मोनूराम के पिता दिलीप सिंह ने मुखाग्नि दी और कहा कि मेरा दूसरा बेटा भी सेना में है। मेरे 5 बेटे हैं। देश के लिए मेरे अन्य बेटे भी शहीद हो जाएं तो मुझे गम नहीं होगा।
शहीद के भाई मुकेश ने बताया कि वह कुश्ती का प्रशिक्षण कर रहे थे। उसी दौरान ह्दयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही अन्य कारणों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम हो चुका है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
इस दौरान बटालियन के अधिकारियों के अलावा फिरोजपुर झिरका के उपमंडल अधिकारी रणवीर सिंह, फिरोजपुर झिरका के डीएसपी चंद्रपाल विश्नोई, नगीना तहसीलदार पवन बत्रा, नगीना के थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, शिक्षाविद अब्दुल बहाव, पूर्व चेयरमैन उसमान दुर्रानी, पूर्व सरपंच चरण सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश जाटका, पूर्व सैनिक हेमराज, सैनिक मुकेश कुमार, पूर्व मुख्याध्यापक खेमचंद चौहान, शिक्षाविद हरचंद व चतुर्भुज आदि के अलावा हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
मां इस बार मेडल लेकर लौटूंगा
शहीद मोनूराम की मां धूपन देवी बताती है कि 4 साल पहले शादी हुई थी और दो साल की एक बेटी भी है। यहां से 25 अगस्त को ही छुट्टी पूरी करके भोपाल गया था। नम आंखों से बताती हैं कि जाते-जाते मुझसे कह कर गया था इस बार मेडल जीत कर लाऊंगा। अब वह सपना कैसे पूरा होगा... मेरा बेटा लंबा ठाडडा 6 फुट 2 इंच का था। मां कहती हैं कि तिरंगे में लिपट कर मरने का मौका किसी-किसी को मिलता है। मुझे उसके जाने का गम जरूर है लेकिन मैं हारी नहीं हूं।
स्कूल एवं सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग
जाटका शिशवाना गांव के गणमान्य लोगों ने ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर सरपंच रेखा रानी ने लिखा है कि गांव के स्कूल और सड़क का नाम शहीद मोनू राम रखा जाए। शहीद मोनू राम के भाई मुकेश कहते हैं कि देश के लिए शहादत को याद करते हुए गणमान्य लोगों ने जो सुझाव दिए हैं उन पर जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार को जल्द से जल्द अमल करना चाहिए। वहीं समाजसेवी दिनेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव को एसडीएम रणवीर सिंह को सौंप दिया है।
कैप्शन: शहीद मोनू राम।
कैप्शनऱ् गांव जाटका में मोनूराम के शव को पहुंचा दी सेना की गाड़ी, शहीद के घर लगा लोगों का तांता।
............राजूद्दीन जंग, नगीना............