नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर परिसर में रविवार को टेस्ट ब्लास्ट किया गया। दो में से एक 32 मंजिला एपेक्स टावर के बेसमेंट के पांच कॉलम और 13वीं मंजिल के एक कॉलम में विस्फोटक लगाकर धमाका किया, जो सफल रहा। इसमें चार-पांच किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया, जिसे पलवल से मंगाया गया था। टॉवर निर्माण में भारी अनियमितताओं की शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष 31 अगस्त को दोनों टावर को गिराने का आदेश दिया था।
टावर गिराने वाली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग की सहायक दक्षिण अफ्रीकी कंपनी जेट डिमोलिशन के एमडी जोय ब्रिंकमैन नेअगले 10 से 15 दिन तक टेस्ट ब्लास्ट का अध्ययन किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर दोनों टावर में 22 मई को किए जाने वाले ब्लास्ट का डिजाइन तैयार किया जाएगा। टेस्ट ब्लास्ट के दौरान अलग-अलग तरह से एहतियात बरती गईं। इसका मकसद यह पता लगाना रहा कि अंतिम ब्लास्ट किस प्रकार करना है और कितना विस्फोटक प्रयोग करना होगा ताकि इमारतों को सुरक्षित तरीके से गिराया जा सके।
ब्रिंकमैन ने कहा कि टेस्ट ब्लास्ट से पता चला है कि इमारत काफी मजबूत है और इसे गिराना एक चुनौती होगी। एडिफिस इंजीनियरिंग के पार्टनर उत्कर्ष मेहता ने बताया कि टेस्ट ब्लास्ट के दौरान आसपास होने वाले कंपन का विश्लेषण आईआईटी चेन्नई की टीम से कराया गया। इसकी भी रिपोर्ट एक सप्ताह में तैयार होगी। बता दें कि एमराल्ड कोर्ट का एपेक्स 16 नंबर टावर है, जो कि 32 मंजिला है। इसी तरह से सियान 29 मंजिला है, जो कि 17 नंबर टावर के तौर पर जाना जाता है। इस मौके पर एडिफिस इंजीनियरिंग, जेट डिमोलिशन, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट, नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक की टीम मौजूद रहीं।
तीन बार सायरन बजा, किया अलर्ट
टेस्ट ब्लास्ट के दौरान तीन बार सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया। दोपहर 2.15 बजे पहली बार सायरन बजा। इस दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों को खाली कराया। पुलिसकर्मी माइक से अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को ट्विन टावर से दूर जाने को कह रहे थे। इसके बाद 2:30 बजे एक बार फिर सायरन बजा और फिर ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट के 15 मिनट बाद 2:45 में एक बार फिर सायरन बजने पर आसपास की सोसाइटी के लोग घरों से बाहर निकले।