42 जन्मजात विकृतियों का मिल रहा इलाज
- चाइल्ड पीजीआई स्थित केंद्र में छह साल तक के बच्चों के लिए नि:शुल्क सुविधा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। चाइल्ड पीजीआई स्थित डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) में 42 जन्मजात बीमारियों का इलाज नि:शुल्क किया जा रहा है। राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम में छह साल तक के बच्चों को यह सुविधा दिलाई जा सकती है।
डीईआईसी में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय जन्म दोष जागरूकता कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी गई। डीईआईसी मैनेजर रचना वर्मा ने बताया कि आरबीएसके के अंतर्गत छह साल तक के बच्चों की 42 जन्मजात विकृतियों का उपचार किया जाता है। उन्होंने कहा जन्मजात दोष जन्म के समय मौजूद संरचनात्मक बदलाव है, जो हृदय, मस्तिष्क, पैर जैसे शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में लक्षण दिखना शुरू होने के तुरंत बाद इनका इलाज जरूरी है। चाइल्ड पीजीआई में इसके लिए चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। संस्थान के डॉ. धर्मवीर ने बच्चों में होने वाले विभिन्न जन्म दोषों के बारे में जानकारी दी। डॉ. चित्रा ने डीईआईसी में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। डॉ. शामली दीक्षित ने बच्चों के जन्मजात दोष खुले होंठ या खुले मुंह के बारे में जानकारी दी। सुप्रिया भूषण ने अभिभावकों से अपील की है कि वह बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें। बच्चों को समय दें। अपने क्षणिक लाभ के लिए उन्हें फोन पकड़ाने की गलती न करें।