- लोक अदालतों में कुल 123391 चालान निपटाए गए, मिला 14151136 रुपये का राजस्व
- नोटिस चालानों से सरकारी के खजाने में आई ज्यादा रकम
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली की अदालतों में गत 14 सितंबर को लगीं लोक अदालतों में कुल 123391 चालान निपटाए गए और इन चालानों से दिल्ली सरकार के खजाने में कुल 14151136 रुपये की रकम आई। खास बात ये है कि सबसे ज्यादा लोक अदालतें 37 तीस हजारी कोर्ट में लगीं और सबसे ज्यादा चालान 26021 तीस हजारी कोर्ट में निपटाए गए, जबकि कडकडडूमा कोर्ट में लगीं लोक अदालतों में निपटाए गए चालानों से सरकार के खजाने में 3377145 रुपये की रकम गई।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ओर से प्राप्त डाटा के अनुसार दिल्ली की सात अदालतों में गत रविवार यानि 14 सितंबर को कुल 184 लोक अदालतें लगीं थीं। इन लोक अदालतों में कुल 123391 चालान निपटाए गए। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा नोटिस चालान 93259 चालान थे, जबकि मौके पर किए कुल ई चालान 30132 थे। लोक अदालतों में निपटाए गए 93259 नोटिस चालान निपटाए गए और इनसे 9529987 रुपये की रकम सरकारी खजाने में आई। वहीं लोक अदालतों में मौके पर किए गए 30132 ई-चालान निपटाए गए और इनसे सरकारी खजाने में कुल 4621149 रुपये की रकम आई। सबसे कम लोक अदालतें राउज एवेन्यू कोर्ट में लगीं। यहां सिर्फ 13 लोग अदालतें लगीं और कुल 7202 चालान ही निपटाए गए।
90 दिन में नोटिस चालान में बदल जाता है-
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की नई दिल्ली रेंज के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि जब कैमरों से चालान होता है तो वाहन मालिक को नोटिस भेजा जाता है। वाहन मालिक ये क्लेम कर सकता है कि उसके वाहन का गलत चालान किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर वाहन मालिक 90 दिनों तक किसी तरह का यानि चालान के गलत व सही होने का क्लेम आदि नहीं करता है तो नोटिस फिर चालान में बदल जाता है।
अदालत लोक अदालतें चालान निपटाए कुल रकम
राउज एवेंयू 13 7202 754900
पटियाला 18 11875 1168950
द्वारका 19 14554 1051800
कडकडडूमा 31 20878 3377145
तीस हजारी 37 26021 2812641
साकेत 36 21251 3110100
रोहिणी 30 21610 1875600
कुल 184 123391 14151136