इसी जगह मिला बच्ची का शव। अमर उजाला
नोएडा। याकूबपुर गांव से 24 दिसंबर को अगवा कर तीन साल की बच्ची की हत्या कर दी गई। पांच दिन बाद मंगलवार को शव मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या व अपहरण का मामला दर्ज किया है। साथ ही, करीब 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने वारदात में करीबी का हाथ होने की आशंका जताई है।
डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने बताया कि फेज-दो कोतवाली क्षेत्र के याकूबपुर गांव में नीरज का बेटा सचिन हत्या के आरोप में जिला जेल में बंद है, जबकि बहू घर छोड़कर बदायूं में रह रही है। पोती माही दादी नीरज के पास रहती थी। बच्ची को पास रखने के लिए दादी और मां में अदालत में केस चल रहा है। 24 दिसंबर को संदिग्ध हालात में बच्ची घर के पास से गायब हो गई। पुलिस ने बच्ची की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस की टीम बदायूं में मां से पूछताछ करने भी गई।
इधर, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे दादी व परिजनों ने पुलिस को बुलाकर अंदेशा जताया कि इलाहाबांस गांव के पास निर्माणाधीन भवन में बच्ची को देखा जाए तो शायद वह मिल जाए। पुलिस ने भवन का निरीक्षण किया तो एक कमरे में बच्ची का शव मिला। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। पोस्टमार्टम के लिए एक कमेटी का गठन करते हुए वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
करीबियों पर वारदात का शक
एसीपी अब्दुल कादिर ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए चार टीमें बनाई गईं थीं। शव मिलने के बाद हत्या और अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं, पुलिस अधिकारियों को कुछ सवाल परेशान कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की तलाश में पुलिस और परिजन जुटे हुए थे। एकाएक परिजनों की ओर से सूचना दी गई कि वह निर्माणाधीन भवन में बच्ची को तलाश करें तो शायद वह मिल सकती है। मां और दादी में बच्ची की कस्टडी को लेकर मुकदमा भी चल रहा है। ऐसे में करीबियों के वारदात किए जाने की आशंका है।