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छुट्टी मनाने निकले हजारों लोग जेवर टोल पर जाम में फंसे

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जेवर टोल पर जाम के दौरान लगी वाहनों की लाइनें। संवाद - फोटो : Grnoida
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जेवर। लगातार दो दिनों की छुट्टी के कारण मथुरा-वृंदावन सहित आगरा, कानपुर, लखनऊ अपने घर जाने और घूमने के लिए निकले हजारों लोगों के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर आठ घंटे तक वाहन चालकों जाम से जूझना पड़ा। सुबह सात बजे से पुलिस कर्मियों को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन दोपहर बाद तीन बजे तक ही हालात पर काबू पाया जा सका। इस दौरान सैकड़ों वाहन चालकों को टोल से निकलने में समय और पैसों की बर्बादी के साथ ही परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात इस कदर खराब थे कि बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने जेवर से ही यू-टर्न लेने में भलाई समझी।
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पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह ग्रेटर नोएडा की तरफ से अचानक बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से जेवर टोल पर जाम लगना शुरू हो गया। सभी 10 टोल बूथों पर क्षमता से अधिक वाहन पहुंचने से कतारें बढ़ती चली गईं। कई लोगों ने जेवर टोल पर जाम के ट्वीट पुलिस को करने के साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश सरकार को करते हुए मदद मांगी, लेकिन उसके बाद भी कुछ खास असर नहीं दिखा। पुलिस और टोल प्रशासन की कड़ी मेहनत के बाद जेवर टोल पर जाम खुलवाया जा सका।
रोज के मुकाबले दोगुना से ज्यादा वाहन पहुंचे
टोल मैनेजर जेके शर्मा ने बताया कि आम दिनों में दिन भर एक तरफ से करीब नौ हजार वाहन निकलते हैं, लेकिन शनिवार सुबह से दोपहर दो बजे तक 18 हजार से भी अधिक वाहन जेवर टोल से निकल चुके थे। टोल की क्षमता एक मिनट में 50 से 60 वाहनों के निकलने की है, लेकिन पीछे से प्रति मिनट 100 से भी अधिक वाहन एक साथ पहुंचे जिससे जाम के हालात पैदा हो गए।
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जाम में फंसी पांच एंबुलेंस को निकलवाने में छूटे पुलिस के पसीने
जाम से एंबुलेंस को निकलवाने के लिए जेवर कोतवाली निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने एसएसआई सहित दो उपनिरीक्षकों को जिम्मेदारी दी थी, लेकिन जाम के दौरान पांच एंबुलेंस टोल पर पहुंच गईं। इन सभी को निकलवाने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
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