ग्रेटर नोएडा। एनसीएलटी की ओर से सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने से खरीदारों में भय का माहौल है। ग्रेटर नोएडा में इको विलेज दो के खरीदार अब एनसीएलटी का रुख करेंगे, ताकि वह पैसे का क्लेम कर सकें।
नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) के पदाधिकारी अभिषेक कुमार का कहना है कि सुपरटेक के मामले में हम वकील से बात कर रहे हैं। खरीदार अपने-अपने हक के लिए एनसीएलटी में क्लेम फाइल करेंगे, ताकि उन्हें फाइनेंशियल क्रेडिटर का दर्जा मिल सके और जो निवेश किया है, वह सुरक्षित हो सके। ग्रेनो वेस्ट स्थित सुपरटेक इको विलेज की कई परियोजनाओं में करीब 12000 खरीदार ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई है। वहीं, 7000 खरीदारों को अब तक घर नहीं मिला है। सुपरटेक इको विलेज वन की खरीदार रंजना भारद्वाज ने चिंता जताते हुए कहा कि अब हमारी रजिस्ट्री का क्या होगा। वहीं, इको विलेज टू में अमित सिंह ने बताया कि उन्हें अब तक कब्जा नहीं मिला है। उन्होंने प्राधिकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्राधिकरण ने इस पर पहले क्यों नहीं ध्यान दिया। इसी तरह से इको विलेज तीन के मृत्युंजय झा भी काफी चिंतित हैं। उनकी भी रजिस्ट्री अब तक नहीं हो पाई है। इधर, एडवोकेट मिहिर का कहना है कि सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई है। ऐसे में अभी यह भी देखना होगा कि इसकी जद में सुपरटेक की कौन-कौन सी परियोजनाएं आ रही हैं। कुछ परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों को ही दिक्कत होगी, बाकी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।