ग्रेटर नोएडा। सेक्टर अल्फा-2 में पकड़ी गई अवैध शराब की फैक्ट्री से लिए गए नमूने की रिपोर्ट आ गई है। शराब की बोतल का ढक्कन और रैपर नकली मिले हैं। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी हरियाणा से शराब लाकर उसे फैक्ट्री में यूपी की शराब बनाते थे। खाली बोतल में शराब भरकर उस पर यूपी की शराब का ढक्कन और रैपर लगाया जाता था। इसके बाद इस शराब को मकौड़ा गांव में देसी शराब के ठेके पर बेचा जाता था। जब्त की गई शराब का नमूने को जांच के लिए लैब भेजा गया था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शराब में किसी तरह की मिलावट नहीं मिली है। केवल बोतल पर लगा रैपर और ढक्कन नकली मिले हैं। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर ने बताया कि ठेके का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लाइसेंस धारक को नोटिस भेजा गया था, लेकिन जवाब नहीं आया। वहीं, विभाग की 7 टीमें जांच कर रही हैं। आबकारी अधिकारियों का दावा है कि बोतल के अंदर शराब में मिलावट नहीं मिली है, जबकि मेरठ पुलिस की सूचना पर की गई कार्रवाई के दौरान मौके से यूूरिया भी बरामद हुई थी और शुरुआती पड़ताल के बाद हरियाणा की शराब में यूरिया मिलाकर मात्रा अधिक कर यूपी के रैपर और ढक्कन लगाकर बिक्री की बात सामने आई थी। 27 अगस्त को आबकारी और पुलिस विभाग की टीम ने सेक्टर अल्फा-2 स्थित एक मकान पर छापा मारा था। मकान में अवैध शराब की फैक्ट्री चल रही थी। आरोप है कि आरोपी हरियाणा से शराब लाकर यहां बेच रहे थे। पुलिस ने मौके से मनोज जोशी, सुहेल, अभिषेक और गोविंद को गिरफ्तार किया था। मनोज का मकौड़ा गांव में देसी शराब का ठेका है। वहीं अन्य आरोपी छोटू, राहुल व सुनीत फरार है।