4 महीने बाद भी यात्रियों को नहीं मिल रही पूरी जानकारी
न ट्रैकिंग एप बना और न डिस्प्ले बोर्ड पर शुरू हुआ रूट का शेड्यूल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहरवासियों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देने के लिए शुरू की गई सिटी बसों का संचालन अब तक ट्रैक पर नहीं आ सका है। बसों का संचालन शुरू हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक शहरवासियों को यह नहीं पता कि उनके नजदीकी बस स्टॉप पर किस वक्त बस पहुंचेगी। बसें किस रूट पर चल रही हैं और कितनी देर में स्टॉप पर पहुंचेंगी, इसकी जानकारी देने के लिए न तो लाइव ट्रैकिंग एप विकसित हो सका है और न ही डिस्प्ले बोर्ड पर बसों का शेड्यूल प्रदर्शित किए जाने की व्यवस्था शुरू हो सकी।
जिलेभर में जून के महीने में 110 सिटी बसों का संचालन शुरू किया गया था। 6 साल बाद सिटी बसों की सौगात शहरवासियों को मिली थी। शहरवासियों को सुगम सार्वजनिक परिवहन का विकल्प देना इसका उद्देश्य था। कहीं आने-जाने के लिए शहरवासी इनका उपयोग कर सकें। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की लाइव ट्रैकिंग करने वाला एप तैयार किया जाना था। इसके माध्यम से यात्री अपने मोबाइल पर बस की लोकेशन और उसके पहुंचने का समय जान सकते थे। हालांकि, इतने समय बाद भी एप विकसित नहीं हो सका है। इससे यात्रियों को बस के इंतजार में परेशानी उठानी पड़ रही है।
डिस्पले बोर्ड की व्यवस्था भी नहीं हो सकी शुरू:
शहर में विभिन्न स्थानों पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर सिटी बसों के रूट और उनके संचालन का शेड्यूल प्रदर्शित करने की योजना थी। इससे यात्रियों को बसों के रूट और समय की जानकारी आसानी से मिल सकती थी। लेकिन अब तक इस व्यवस्था को भी शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में सिटी बसों में यात्रा करने को लेकर यात्रियों के जहन में संशय बना रहता है।
सिर्फ रूट बढ़ाने पर दिया जा रहा जोर: शहरवासियों तक सिटी बसों की जानकारी पहुंचाने के बजाय परिवहन निगम रूट बढ़ाने में लगा हुआ है। नियमित सर्वे कराकर सिटी बसों के रूट को विस्तार दिए जाने पर जोर दिया जा रहा है। निगम को ध्यान देना चाहिए कि आखिर जब लोगों को रूट की जानकारी ही नहीं है तो यात्रियों की संख्या आखिर कैसे बढ़ेगी।
सिटी बसों की लाइव ट्रैकिंग के लिए एप पर काम किया जा रहा है। जल्द लोगाें के लिए उपलब्ध भी हो जाएगा। अब भी काफी लोग रोजाना बसों में सफर कर रहे हैं
राजेश कुमार, एआरएम नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो।