दलित प्रेरणा स्थल से भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का धरना समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा में तैना
नोएडा। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए बवाल के बाद किसान आंदोलन लगातार कमजोर पड़ रहा है। कृषि कानूनों के विरोध में दो महीने से जारी भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति का धरना भी बुधवार आधी रात को समाप्त हो गया। दलित प्रेरणा स्थल पर बुधवार को नोएडा पुलिस के अधिकारी किसान नेताओं को मनाते रहे, लेकिन किसान शांतिपूर्वक धरना जारी रखने की मांग करते रहे। रात करीब 12 बजे फोर्स साथ लेकर पहुंचे अधिकारियों ने किसान नेताओं पर धरना खत्म करने का दबाव बनाया। इसके बाद किसान लौट गए।
लोकशक्ति गुट की तरफ से बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर प्रेसवार्ता बुलाई गई थी, लेकिन पुलिस ने प्रेरणा स्थल को कब्जे में लेते हुए दरवाजे बंद कर दिए। ऐसे में फि ल्म सिटी के गेट के पास सड़क पर ही किसान नेताओं को प्रेसवार्ता करके धरना स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने बताया कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर जो हुआ, वह शर्मसार करने वाली घटना है। लोकशक्ति संगठन कभी संयुक्त मोर्चा का हिस्सा नहीं रहा। जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ा है, सरकार को उन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। दिल्ली की घटना के बाद से ही उन पर धरना खत्म करने का दबाव बन रहा था। बुधवार को भी करीब चार घंटे तक एडीसीपी नोएडा रणविजय सिंह हमारे बीच रहे। हमारी मांग थी कि कृषि मंत्री से वार्ता करा दी जाए। हमारा धरना शांतिपूर्वक जारी रहेगा, लेकिन रात करीब 12 बजे पुलिस अधिकारी पहुंचे और धरना समाप्त करने का दबाव बनाया। स्थिति को भांपते हुए हमने धरना स्थगित करना उचित समझा और रात में ही धरना स्थल को खाली कर लौट गए।
वहीं, संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव मलिक ने बताया कि धरना खत्म नहीं किया गया है, बल्कि स्थगित किया गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक तय किया जाएगा कि आगे क्या करना है। हमारी सरकार से मांग है कि जिन्होंने दिल्ली में उपद्रव किया उन्हें बख्शा न जाए और निर्दोष किसानों को परेशान न किया जाए। किसानों की मांगों को दरकिनार न करते हुए सरकार कोई रास्ता निकाले।