ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े में मास्टरमाइंड माने जा रहे बीएन तिवारी उर्फ बद्रीनाथ तिवारी समेत तीन आरोपियों की 14 जमानत याचिकाएं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ने खारिज कर दी हैं। अदालत ने फरार आरोपी बीएन तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका, जेल में बंद संजय भाटी के भाई पवन भाटी की आठ मामलों व नोबल कोऑपरेटिव बैंक के सीईओ वीके शर्मा की तीन मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
एडीजीसी धर्मेंद्र कुमार जयंत ने बताया कि बाइक बोट फर्जीवाड़े के आरोपी बीएन तिवारी ने चार मामलों में अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर की थीं। सुनवाई के दौरान तिवारी के अधिवक्ता कहा कि उसकी निवेशकों से मुलाकात नहीं हुई और न ही उसने उन्हें झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया। वहीं, सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि लंबे समय से फरार चल रहा है उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा चुुकी है। आरोपी पर 60 मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोपी को जमानत दिए जाने का विरोध किया। वहीं, जेल में बंद आरोपी पवन भाटी और नोबल कोऑपरेटिव बैंक के सीईओ वीके शर्मा की जमानत याचिका का भी विरोध किया गया। अधिवक्ता ने कहा कि आरोपियों ने देश के लाखों निवेशकों से अरबों रुपयों की धोखाधड़ी की हैं।
‘संजय भाटी से बड़ा सरगना है बीएन तिवारी’
जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रह्मजीत सिंह व सहायक अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि बीएन तिवारी को लिखित में संजय भाटी से भी बड़ा सरगना बताया गया है। संजय भाटी और उसकी टीम बीएन तिवारी को रीढ़ की हड्डी बताते थे। जितना भी कैश कंपनी में आता था वह तिवारी के पास जाता था।