नोएडा सेक्टर- 30 स्थित जिला अस्पताल में कोरोना रोधी टीका लगवाती महिला।
नोएडा (योगेश शर्मा)। त्योहारों के बाद जिले में अचानक बढ़ी कोरोना संक्रमण की रफ्तार ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शासन-प्रशासन ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिले में रोजाना तीन हजार से ज्यादा आरटीपीसीआर जांच रोजाना की जाएंगी। लगातार एक सप्ताह तक जिले में कोरोना की स्थिति पर लखनऊ से निगरानी रखी जाएगी। वहीं, महामारी की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 12 नवंबर को तीसरी बार लखनऊ से जांच टीम आएगी।
जुलाई से लेकर अक्तूबर तक जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम रही। अगस्त में रोजाना 3,500 आरटीपीसीआर जांच का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन मामले घटते ही जांच का दायरा भी घटा दिया गया। 3 नवंबर तक जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या 4 थी, जबकि 7 नवंबर को आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया। 6 व 7 नवंबर को लगातार पांच-पांच नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि की गई। ऐसे में किसी तरह का जोखिम मोल न लेते हुए शासन ने जनपद के अधिकारियों को 4टी (टेस्ट, ट्रेसिंग, टेस्टिंग व टीकाकरण) के फार्मूले पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। 5 नवंबर के बाद से ही इस पर काम शुरू कर दिया गया है, करीब एक सप्ताह तक जिले में कोरोना के हालात पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्ययोजना बनेगी।
मॉक ड्रिल से परखेंगे तैयारी
इस बार कोरोना के साथ डेंगू का वार भी बढ़ी चुनौती है। कोरोना के मामले बढ़ते हैं तो संभाल पाना मुश्किल होगा, क्योंकि मौसमी बीमारियाें के पीड़ित मरीजों से अस्पताल पहले ही फुल हैं। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 27 अगस्त और 23 सितंबर को लखनऊ से आए अधिकारियों की मौजूदगी में मॉक ड्रिल हुई थी। अब 12 नवंबर को फिर से मॉक ड्रिल के निर्देश दिए गए हैं। कोविड अस्पताल के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर लखनऊ से आए अधिकारियों की मौजूदगी में व्यवस्थाओं को परखा जाएगा।