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Noida News: 31 साल से फरार हत्यारोपी को केटरर और बिल्डर बनकर दबोचा

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पिता-चाचा के साथ मिलकर प्रेमिका के पिता की 1993 में कर दी थी हत्या
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दस साल पहले आरोपी के पिता हुआ था गिरफ्तार, चाचा अभी भी फरार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रेमिका के पिता ने जब बेटी की शादी नहीं की तो आरोपी ने पिता-चाचा के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। अब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नरेला में 31 साल पहले हुई हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बांदा निवासी प्रेम नारायण (51) के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने केटरर और बिल्डर बनकर आरोपी को कानुपर से दबोचा। आरोपी कानपुर सिटी में राज मिस्त्री का काम कर रहा था।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि नरेला में 17 सितंबर 1993 को शंभू दयाल की ईंट व पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला शंभू के पड़ोस में प्रेम व उसका परिवार रहता था। प्रेम की शंभू की बेटी से दोस्ती हो गई। प्रेम के कहने पर पिता बाबू लाल व चाचा चुन्नी लाल ने शंभू से बेटी का रिश्ता मांगा, लेकिन मना करने पर तीनों आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। 18 सितंबर 1993 को शंभू का शव मिला। लोकल पुलिस आरोपियों की तलाश करती रही, लेकिन पता नहीं चला। दस साल पहले बाबू लाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस बीच अपराध शाखा के इंस्पेक्टर मनमीत मलिक, एसआई रितेश कुमार व अन्यों को खबर मिली कि मुख्य आरोपी प्रेम कानपुर सिटी में छिपकर रहा है। वह एक रिश्तेदार की शादी में 11 जुलाई को आएगा। पुलिस केटरर बनकर वहां पहुंचे, लेकिन आरोपी वहां नहीं पहुंचा। आरोपी राजमिस्त्री का काम करता था। ऐसे में पुलिस लोकल बिल्डर की मदद से एरिया में सक्रिय हो गई। नई बिल्डिंग बनाने की बात कर आरोपी के घर संदेश भेजा गया, लेकिन आरोपी ने वहां बेटे को भेज दिया। बाद में रुपये तय करने के लिए 48 घंटे बाद आरोपी पहुंचा तो उसे दबोच लिया गया। पुलिस फरार चाचा की तलाश कर रही है।
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