- तीन साल से सोसाइटी के 1100 से अधिक परिवार दान कर रहे पुरानी किताबें
- इंच पेपर नामक संस्था गरीब बच्चों को पहुंचाती है किताबें
अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौड़ सौंदर्यम सोसायटी के युवाओं की सोच जरूरतमंदो के जीवन में ज्ञान का दीपक जलाने का काम कर रही है। सोसाइटी के युवा पिछले तीन साल से घर घर जाकर लोगों को पुरानी कॉपी किताबों को कबाड़ी को बेचने की जगह पर दान करने के लिए जागरूक कर रहे है।
सोसाइटी में रहने वाले ओजस गुप्ता ने बताया कि कई बच्चे कॉपी किताबों के महंगे होने के कारण पढ़ नहीं पाते है। उन्होंने उन बच्चों के लिए कुछ करने की तीन साल पहले ठानी थी। इसके लिए उन्होंने सोसाइटी के बच्चों के साथ मिलकर एक टीम बनाई। टीम ने लक्ष्य लिया कि वह सोसाइटी के हर घर में जाकर रहने वाले लोगों को पुरानी कॉपी किताबों को दान करने के लिए कहेंगे। जब उन्होंने यह पहल शुरू की तो सोसाइटी के लोग दरवाजे से ही उन्हें लौटा देते थे,लेकिन उन्होंने हर नहीं मानी। पहले साल 200 से अधिक परिवारों को पुरानी कॉपी किताबों को देने के लिए मनाया। उन्हें बताया कि इन पुरानी कॉपी किताबों से कई बच्चों के जीवन में उजाला आ जाएगा। इसके बाद इंच पेपर एनजीओ से संपर्क साधा। उनकी गाड़ी सोसाइटी में कॉपी किताबों को लेने के लिए आने लगी। एनजीओ की ओर से एक हजार नई कॉपियां उन्हें भी दी गई।
*इंजीनियरिंग से लेकर मेडिकल तक की किताबें दे रहे*
उन्होंने बताया कि सोसाइटी के 1100 से अधिक परिवार अब साल में दो बार आने वाली गाड़ी में पुरानी कॉपी किताबों को खुद खड़े होकर लोड करवाते हैं। कक्षा एक से लेकर इंजीनियरिंग,मेडिकल व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उन्हें डोनेट की जाती हैं। इन किताबों को देश के विभिन्न शहरों में चलने वाले एनजीओ के बच्चों को दी जाती है। जिसको पाकर बच्चे जीवन को नई दिशा देने का काम कर रहे है।
*कबाड़ में नहीं जाती कॉपी-किताबें
सोसायटी में कबाड़ में एक भी कॉपी किताब को बेचा नहीं जाता है। इसके साथ ही सोसाइटी के परिवार एक दूसरे से कॉपी किताब को शेयर भी कर लेते है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता है। रति गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी में हर परिवार इस मुहिम का हिस्सा है। अपने अपने बच्चों की किताबें एक दूसरे को देते है। सोसाइटी में पर्यावरण को बचाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।