नोएडा। इसी सप्ताह प्रस्तावित प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का असर भी देखने को मिल सकता है। सूत्र बताते हैं कि पूर्व की गलतियों से सबक लेते हुए व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने व पारदर्शिता लाने से संबंधित कुछ प्रस्ताव बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
शुक्रवार को कैग ने अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से स्पोर्ट्स सिटी के मुद्दे को उठाया था। इसमें बताया गया था कि किस प्रकार प्राधिकरण अधिकारियों ने मनमानी करके अपात्र बिल्डरों को भी जमीन आवंटित कर दी। साथ ही, बिल्डरों को ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट में सब-डिविजन की अनुमति दी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि बिल्डर ने जो जमीन प्राधिकरण से ली थी, उसे विभिन्न सब-डिविजन में बांटकर अलग-अलग बिल्डरों को बेचकर मोटी कमाई कर ली। माना जा रहा है कि प्राधिकरण अधिकारी अब ग्रुप हाउसिंग प्लाट के सब-डिविजन के नियम को खत्म करने जा रहे हैं। इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। बोर्ड बैठक में अब बस इसकी औपचारिक मंजूरी होनी बाकी है।
सुपरटेक ट्विन टावर से भी लिया सबक
सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट में ट्विन टावर के लिए लेआउट में हुए बदलाव पर वहां के निवासियों की सहमति नहीं ली गई थी। तत्कालीन अधिकारियों की इस गलती पर प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट तक में जवाब नहीं दे पाया है। अब आगे ऐसी कोई गलती या मनमानी न हो इसके लिए प्राधिकरण किसी भी बदलाव के लिए ऐसे प्रकरण में आवंटियों की सहमति के मानक तय करने जा रहा है। प्राधिकरण की तैयारी यह है कि इसके लिए एक फार्म तैयार करवाया जाए। इसमें बदलाव पर सहमति से जुड़े कई सवाल हों जिनका जवाब उस प्रोजेक्ट में पहले से जो आवंटी हैं वे विकल्प का चयन कर या लिखित रूप में दें। सभी आवंटियों को यह फार्म दिए जाएं। इससे बदलाव को सहमति में सभी की सहभागिता और पारदर्शिता आएगी। अधिकारी बताते हैं कि इस बोर्ड बैठक मेें कुल 20 प्रस्ताव रखे जा सकते हैं।
बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं
- आवासीय प्लॉट आवंटन के नियमों को किया जा सकता है आसान
- औद्योगिक भूखंड आवंटन की जटिलताओं को भी किया जा सकता है कम
- एयरपोर्ट के लिए एक हजार करोड़ देने का प्रस्ताव
- 5 गांव निकालकर और नए 12 गांव जोड़कर न्यू नोएडा के नक्शे में बदलाव का भी प्रस्ताव