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महज कुछ ही मीटर तक होगा धमाके का असर

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ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों से बात करते स्थानीय लोग।
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महज कुछ ही मीटर तक होगा धमाके का असर
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नोएडा। ट्विन टावर के आसपास सोसाइटियों में रहने वाले लोग रविवार को उस जगह पहुंच गए जहां एडिफिस कंपनी की सहायता के लिए आए दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञ कार्य कर रहे थे। लोगों ने अपनी शिकायत विशेषज्ञों के समक्ष रखी। वह जानना चाह रहे थे कि ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के दौरान आखिर उसके धमाके और मलबे का असर कितने किलोमीटर तक पडे़गा। इस पर विदेशी विशेषज्ञों ने लोगों की जिज्ञासा को शांत करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक कंट्रोल ब्लास्ट होगा। इसका असर महज कुछ मीटर में ही सीमित रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एमराल्ड कोर्ट स्थित ट्विन टावर को तोड़ने काम तेजी से चल रहा है। इन्हें गिराने का ठेका मुंबई की एडिफिस कंपनी को दिया गया है। इन टावरों को विस्फोटक लगाकर ध्वस्त किया जाना है। इमारत में विस्फोटक कहां-कहां लगेगा, इसके लिए एडिफिस ने दक्षिण अफ्रीका स्थित अपनी कंसल्टेंट कंपनी के विशेषज्ञों को बुलाया है। रविवार को स्थानीय लोगों ने दक्षिण अफ्रीका के इन विशेषज्ञों से बात की। लोगों का कहना था कि इमारत में सुबह से ही हथौडे़ और जेसीबी से तोड़ने का काम शुरू हो जाता है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी हो रही है। एक व्यक्ति ने दावा किया कि शनिवार को टूटे हुए पत्थर का टुकड़ा सोसाइटी में आ गिरा था। गनीमत यह रही कि इससे कोई नुकसान या घायल नहीं हुआ।
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लोगों का कहना था कि कंपनी के कर्मचारियों को इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। साथ ही लोगों ने यह भी पूछ लिया कि उनका फ्लैट तो ट्विन टावर के बिलकुल पास ही है। ऐसे में विस्फोट के बाद धमाके और धूल का असर उन पर क्या होगा। क्या उनके मकानों में दरार तो नहीं आ जाएगी। इस पर विदेशी विशेषज्ञों ने लोगों को बताया कि डरने की कोई वजह नहीं है। यह पूरी तरह से एक कंट्रोल ब्लास्ट होगा। इसका मलबा कुछ मीटर तक ही फैलेगा। वह पूरी कोशिश करेंगे कि लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हो। विदेशी विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ध्वस्तीकरण से पहले स्थानीय लोगों को एक प्रजेंटेशन के माध्यम से कंट्रोल ब्लास्ट दिखाया जाएगा।
वहीं डीडीआरडब्ल्यूए के अध्यक्ष एनपी सिंह ने बताया कि दरअसल ट्विन टावर के आसपास के लोग इस बात से काफी परेशान हैं कि आखिर इस धमाके का क्या असर उनके मकान पर होगा। उन्होंने बताया कि रविवार को दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों ने लोगों को अच्छे से समझाया है। लोग उनकी बात से संतुष्ट भी हैं।
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एमरल्ड कोर्ट मामले को लेकर आरडब्ल्यूए ने की चर्चा
नोएडा। डीडीआरडब्लूए टीम द्वारा एमरल्ड कोर्ट सेक्टर-93 आरडब्ल्यूए के साथ बैठक की गई। जिसमें एमरल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए की टीम ने कहा कि सोसाइटी के बाहर ग्रीन बेल्ट की हालत बहुत अच्छी नहीं है। इसलिए एमरल्ड कोर्ट सोसाइटी नोएडा प्राधिकरण से ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी उठाने की अपील करती है। मौके पर ग्रीन बेल्ट को एमरल्ड कोर्ट सोसाइटी के हवाले करने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि वह ग्रीन बेल्ट को हरा भरा रखेंगे। बैठक में डीडीआरडब्लूए अध्यक्ष एनपी सिंह, उपाध्यक्ष संजीव कुमार, महासचिव अनिल सिंह और महासचिव रजनीश नंदन रहे और एल्डिको सोसाइटी की ओर से अध्यक्ष यूबीएस तेवतिया, पूर्व अध्यक्ष राजेश राणा और अन्य आरडब्ल्यूए पदाधिकारी मौजूद रहे।
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