ग्रेटर नोएडा/दनकौर। यमुना एक्सप्रेसवे के मिर्जापुर गांव के पास एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर शव फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले को हादसा बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। नाराज परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही व आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर दनकौर कोतवाली जाने लगे। पुलिस के रोकने पर ग्रामीणों ने यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर शव रखकर एक घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने रबूपुरा के बजाय दनकौर थाने में दो नामजद समेत पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव रवाना हुए। हत्यारोपियों में एक भाजपा के दिग्गज नेता का करीबी बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम में भी युवक की हत्या करने के संकेत मिले हैं।
दनकौर के जुनेदपुर गांव निवासी गुरुदत्त (45) प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। रविवार रात रबूपुरा निवासी मनवीर ने फोन कर गुरुदत्त को बुलाया था। बाइक से मनवीर के पास जाने के लिए निकले गुरुदत्त देर रात तक नहीं लौटे। उनका फोन बंद था। रविवार की देर रात परिजनों को उनके घायल होने की जानकारी मिली। परिजनों के अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने गुरुदत्त की हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों ने लेन देन के विवाद में मनवीर पर हत्या कर हादसे का रूप देने के लिए शव फेंकने का आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार ने रबूपुरा कोतवाली पर इस मामले की ठीक से जांच नहीं कराने का आरोप लगाते हुए दनकौर कोतवाली में इस मामले में दो नामजद समेत पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने गुरुदत्त के भतीजे कपिल नागर की तहरीर पर रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बांगर गांव निवासी मनवीर और रौनीजा गांव निवासी धीरा उर्फ नीरज और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
सिपाही ने दी सूचना, मना करने पर भी होमगार्ड से अस्पताल भिजवाया
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से ही रबूपुरा पुलिस ने घोर लापरवाही बरती। रविवार रात लगभग 11 बजे सिपाही अंकित ने गुरुदत्त के घायल होने की सूचना दी। परिजन ने घटनास्थल पर पहुंचने की बात कही। इसके बावजूद एक होमगार्ड को एंबुलेंस में गुरुदत्त के साथ जिम्स भेज दिया गया। परिजन लगभग आधे घंटे में जिम्स पहुंचे। वहां न पुलिसकर्मी मिला और न होमगार्ड । पूछताछ में पता चला कि होमगार्ड बिना हस्ताक्षर किए वहां से लौट चुका था। उसके बाद सिपाही से लेकर कोतवाल को कई बार फोन किया मगर उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया। एकाध बार बात हुई थी तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सुबह बताया हादसा, शाम को हत्या का बयान जारी
प्राथमिक जांच के बाद सुबह लगभग 8 बजे एडीसीपी विशाल पांडेय ने बयान जारी किया। जिसमें कहा गया कि मिर्जापुरा कट के पास सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में बाइक सवार गुरुदत्त गिर गया। उपचार के लिए उसे एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या का साक्ष्य नहीं प्राप्त हुआ। हालांकि शाम साढ़े चार बजे एडीसीपी ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज करने का बयान जारी किया।
24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रदर्शन की चेतावनी
पुलिस मामले में केस दर्ज करने के बाद जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। वहीं परिजन का आरोप है कि आरोपियों में एक भाजपा के बड़े नेता का करीबी भी है। इसके चलते हत्या का हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया है। इस मामले में अगर 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह फिर से प्रदर्शन करेंगे।
परिजनों के सवाल
- गुरुदत्त की पहचान होने के बाद उसे अस्पताल में बिना-लिखापढ़ी के पुलिस क्यों छोड़ गई
- जब परिजन लगातार लेन-देन के लिए बुलाने की बात कह रहे थे तो एक बार भी उनकी बात क्यों नहीं सुनी गई
- जिम्स में पुलिस अधिकारियों से पोस्टमार्टम का वीडियोग्राफी कराने की बात हुई थी, लेकिन सेक्टर-94 में अस्पताल स्टाफ नहीं पहुंचा
- घटना के बाद पुलिस ने उनकी बातों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया
प्रथम दृष्टया मामला हादसे जैसा प्रतीत हुआ था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। जिसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम करने वाली टीम से भी संपर्क किया गया। हत्या के संकेत मिलने पर तुरंत दनकौर थाने में केस दर्ज कराया गया है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - डॉ. मीनाक्षी कात्यान, डीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन