अलीगढ़ के ध्यानार्थ
टप्पल में अधिग्रहण से साकार होगी लॉजिस्टिक पार्क की परिकल्पना
- यमुना प्राधिकरण शासन को भेजेगा 2627 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव
- 300 से ज्यादा कॉलोनाइजर को जारी किया जा चुका है नोटिस, मगर नहीं हुई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) अब टप्पल में 2627 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने की कवायद में जुट गया है। यहां मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क सहित कई परियोजनाओं को साकार करने की परिकल्पना पर भी काम शुरू कर दिया गया है। 950 हेक्टेयर के प्रस्तावित लॉजिस्टिक पार्क के लिए 736 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा गया है। अब यीडा के बोर्ड ने टप्पल में अवैध अतिक्रमण रोकने के लिए एक साथ 1861 हेक्टेयर भूमि को अधिगृहीत करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
दरअसल, यीडा ने नोएडा एयरपोर्ट के पास मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की योजना तैयार करने में जुटा है। इसके लिए टप्पल के क्षेत्र को अधिसूचित भी किया गया था। एयरपोर्ट नजदीक होने के कारण टप्पल में अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और प्राधिकरण की ओर से ही टप्पल, बाजना, जहांगीरपुर समेत प्राधिकरण ने कई इलाकों में 300 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा 33 अवैध कॉलोनी टप्पल और जहांगीरपुर में चिन्हित हैं। हालांकि प्राधिकरण की कार्रवाई नोटिस से आगे नहीं बढ़ पाई। अब टप्पल का कुल अधिसूचित क्षेत्र 2627 हेक्टेयर है और इस भूमि का जल्द ही अधिग्रहण कर लिया जाएगा। इसके बाद यहां यीडा अपनी परियोजनाओं को आकार देगा।
दो चरणों में धरातल पर उतरेगी योजना
एयरपोर्ट के पास टप्पल क्षेत्र में 950 हेक्टेयर के लॉजिस्टिक पार्क को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पीपीपी मॉडल पर विकसित होने वाली इस परियोजना के लिए पूर्व में टेंडर भी जारी हुए थे, हालांकि किसी कारणवश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसमें 200 हेक्टेयर में पहला चरण होगा। पहले चरण में 10 हेक्टेयर व्यावसायिक, 12 हेक्टेयर संस्थागत और 24 हेक्टेयर आवासीय भूमि उपयोग के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा, पार्क में ट्रक पार्किंग क्षेत्र, गेट कॉम्प्लेक्स, प्लेटफॉर्म और साइडिंग क्षेत्र सहित सहायक और सहायक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्राधिकरण जमीन और बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर 990 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
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टप्पल की पूरी जमीन के अधिग्रहण पर बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। शासन को इसका प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है। अधिग्रहण के बाद अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगेगी।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण