1000 वर्ग मीटर भूखंड आवंटन के फैसले को आयोग ने सही ठहराया
मामले में उच्च न्यायालय के स्टे को रखा है बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के एक हजार वर्ग मीटर का भूखंड महेश मित्रा को आवंटन करने के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग ने मामले को निष्पादन कर दिया है। वहीं, मामले में उच्च न्यायालय के स्टे को बहाल रखा है।
महेश मित्रा बनाम ग्रेनो प्राधिकरण के मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में 30 मई 2014 में 500 से 2500 वर्ग मीटर की सीमा के अंदर क्षेत्रफल का प्लाट आवंटित करने का आदेश दिया था। प्राधिकरण ने 9 अगस्त 2023 को 1000 वर्ग मीटर का भूखंड आवंटित कर दिया। ग्रेनो प्राधिकरण की औपचारिकताएं पूरी करके कब्जा लिया जा सकता है। महेश मित्रा ने आपत्ति दी थी कि प्राधिकरण ने आयोग के आदेश का पालन नहीं किया। जबकि 2500 वर्ग मीटर के प्लाट के लिए प्राधिकरण को स्वयं सहमति दी थी कि ऑटोमोबाइल कार्यशाला लगाने की जरूरत है। प्राधिकरण ने 2500 वर्ग मीटर का प्लाट न देकर केवल 1000 वर्ग मीटर का प्लाट आवंटित किया है। आयोग ने अपने आदेश में ऑटो मोबाइल कार्यशाला लगाने के बिंदु पर भी विचार किया है। इसके बाद ही 500 से 2500 वर्ग मीटर का भूखंड देने का आदेश दिया है। इस पर विचार करते हुए प्राधिकरण ने एक हजार वर्ग मीटर का भूखंड आवंटित करने का आदेश दिया। वहीं, दूसरी और महेश मित्रा आयोग के आदेश से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि लंबे समय से न्यायालय के चक्कर लगाने के बाद भी उनको अभी न्याय नहीं मिला है।