ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय और गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत गौतमबुद्ध नगर पुलिस आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने में जुटी है। इसी बीच दादरी थाने में पीड़ितों ने एक और मामला दर्ज कराया है। नई एफआईआर में जानकारी दी है कि आरोपी गर्वित इनोविटव प्रमोटर्स लि. (बाइक बोट) कंपनी के अलावा देश और विदेश में 27 उपक्रम होने का झांसा देते थे। कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर में संजय भाटी, उसके भाई, पत्नी, बीएन तिवारी समेत 13 नामजद पर 28 लाख से अधिक रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने बताया कि रेलवे से सेवानिवृत्त गुरुग्राम निवासी पीड़ित निवेशक अमरजीत सिंह धालीवाल ने शिकायत में कहा है कि उन्होंने कंपनी में लगभग दस लाख रुपये निवेश किए थे। उनकी सहकर्मी पूनम भारद्वाज ने भी लगभग 4.5 लाख रुपये निवेश किए थे। आरोपियों ने ये रकम दोगुना कर लौटाने का झांसा दिया था। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उनकी किस्त रोक दी थी। रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने अग्रिम तिथि के लगभग 28 लाख से अधिक रुपये के चेक दिए थे। सभी चेक बाउंस हो गए। आरोपियों के खिलाफ दादरी कोतवाली और आलाधिकारियों को भी शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इस कारण कोर्ट में गुहार लगाई। अधिवक्ता ने बताया कि निवेशकों ने जानकारी दी है कि आरोपी बाइक बोट एंड बाइक टैक्सी, स्नो टच रिसॉर्ट मनाली, अनिलाना होटल श्रीलंका, पीमैैक्स प्लास्टिक लि. बाली, इंजीनियरिंग कॉलेज पानीपत, मेडिकल कॉलेज गजरोला, हिमाचल में विश्वविद्यालय, गर्वित प्रोडक्शन पिविटी बन्नो में, सुल्तानपुर में सरस्वती एविएशन, टीवी चैनल, अग्रेफिड पफर एनिमल, प्रफ्टी सॉफ्ट ड्रिंक, भूटान में वाटर प्लांट, नोबल कॉपरेटिव बैंक, कॉपरेटिव बैंक नगीना, इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, जिम कार्बेट पार्क, कुल्लू-मनाली, हिमाचल व गोवा में रिसॉर्ट, ग्रेनो के वेनिस मॉल में पार्टनरशिप, अमरोहा में विश्वविद्यालय में साझेदारी आदि उपक्रम संचालित होने या हिस्सेदारी का झांसा देते थे।