स्वास्थ्य विभाग को मिली एलईडी माइक्रोस्कोपिक मशीन। संवाद
ऊना। जिले में क्षय रोग (टीबी) से मुक्ति के प्रयासों को तेज करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिले को तीन नई एलईडी माइक्रोस्कोप मशीनें प्राप्त हुई हैं। इन मशीनों को टीबी जांच केंद्र ऊना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुलैहड़ और सीएचसी धुसाड़ा में लगाया जाएगा।
यह मशीनें रोगियों की टीबी जांच के लिए अत्याधुनिक सुविधा प्रदान करेंगी। इससे पहले दुलैहड़ और धुसाड़ा केंद्रों में टीबी के बैक्टीरिया की जांच के लिए सैंपलों को जिला टीबी जांच केंद्र या उपमंडल अस्पतालों में भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में एक या दो दिन का समय लगता था। नई मशीनों के आने के बाद अब यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकेगी।
इससे न केवल नए मरीजों को तुरंत जांच और उपचार का लाभ मिलेगा, बल्कि पुराने मरीजों के फॉलोअप के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही जिले के टीबी जांच केंद्र में पहले से लगी पुरानी मशीन को बदलकर वहां भी नई एलईडी माइक्रोस्कोप मशीन स्थापित की जाएगी। जिले में अब कुल 16 एलईडी माइक्रोस्कोप मशीनें कार्यरत होंगी, जो टीबी जांच और उपचार की प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाएंगी।
जिले को तीन नई एलईडी माइक्रोस्कोप मशीनें मिल गई हैं। यह मशीनें ऊना केंद्र, सीएचसी धुसाड़ा और सीएचसी दुलैहड़ में भी लगाई जाएंगी और जल्द ही इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। -डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना
एलईडी माइक्रोस्कोप मशीन की खासियत
एलईडी माइक्रोस्कोप मशीनें विशेष प्रकार की आधुनिक लैब मशीनें हैं, जो टीबी (क्षय रोग) जैसी संक्रामक बीमारियों के बैक्टीरिया या सूक्ष्मजीवों की त्वरित पहचान के लिए उपयोग होती हैं। इन्हें पारंपरिक माइक्रोस्कोप से बेहतर इसलिए माना जाता है क्योंकि इनमें एलईडी लाइट स्रोत का इस्तेमाल होता है। एलईडी लाइट सूक्ष्मजीवों को अधिक स्पष्ट रूप से दिखाती है। पारंपरिक माइक्रोस्कोप की तुलना में सैंपल की जांच कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। बैक्टीरिया या रोगजनक सूक्ष्मजीव आसानी से और सटीक रूप से पहचाने जाते हैं।