दरअसल युद्ध के कारण यूक्रेन में बनने वाली चिप युक्त समार्ट कार्ड की आपूर्ति दिसंबर 2022 से बाधित है। कार्ड के बिना ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में लाइसेंस का इंतजार करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उप संभागीय परिवहन अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल तक इस समस्या समाधान हो जाएगा। चिप वाले स्मार्ट कार्डों की वैकल्पिक व्यवस्था शासन ने की है।
एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि रोजाना स्थायी डीएल बनवाने वाले लोगों की संख्या 346 है। ऐसे में करीब 22 हजार डीएल प्रिंट नहीं हो पाए थे। फरवरी माह में चिपयुक्त कार्ड की व्यवस्था होने के बाद काफी राहत मिली। करीब 3.5 हजार डीएल प्रिंट हुए। अब 17.5 हजार लोगों को डीएल भेजा जाना है। अप्रैल माह तक यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाकर चालान कटने से बच सकते हैं
डीएल हाथ में ना होने से वाहन चालक सड़कों पर निकलने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना डीएल के अगर वाहन चलाया तो पुलिस चालान कर देगी। एआरटीओ ने बताया कि ऐसे लोग ना घबराएं। जब उन्हें पुलिस रोकती है तो डीएल आवेदन करते समय मिले रजिस्ट्रेशन नंबर को दिखा दें। इससे वह चालान कटने से बच सकते हैं।