हाई प्रोफाइल परिवार से है बीटेक पास पूजा
विदेशी ड्रग्स रैकेट के मामले में गिरफ्तार पूजा गुप्ता खुद सेक्टर-82 स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कंसल्टेंट है। इसके पिता गोरखपुर में रेलवे के चीफ इंजीनियर हैं। जबकि मां एमबीबीएस डॉक्टर हैं। पूजा ने वेल्लोर इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया है। सेक्टर-61 के जिस बहुमंजिला घर में पूजा रहती है। वह उसकी मां के नाम पर है। पूजा इस मकान में अकेली रहती है। उसकी देखभाल के लिए तीन घरेलू सहायक भी वहां रहते थे। इसके घर में इसके प्रेमी अभिषेक का आना जाना था।
नीदरलैंड और अफगानिस्तान से हो रही थी ड्रग्स की सप्लाई
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-61 स्थित पूजा की कोठी में दबिश दी गई तो वहां कई ऐसे सबूत मिले हैं जिससे पता चला कि ड्रग्स कोरियर के माध्यम से आता था। कोरियर पर नीदरलैंड और अफगानिस्तान का टैग लगा हुआ था। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि इन देशों से ड्रग्स की सप्लाई हो रही थी। पुलिस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है।
बीएमडब्ल्यू कार से ड्रग्स के पैकेट लाता था सूर्यांश
इस ड्रग्स रैकेट का सरगना सूर्यांश फरार है। रैकेट में अभी छह लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें तीन गिरफ्तार हैं और तीन फरार हैं। गिरोह में प्रणय व दिदिप्य भी जुड़े हुए हैं जो फरार हैं। अभी तक तीनों फरार आरोपियों के पता व किसी ठिकाने के बारे में पता नहीं चला है। जांच में पता चला है कि सूर्यांश बीएमडब्ल्यू कार से कोरियर पैकेट में लाकर नोएडा पहुंचाता था।
एक गोली एक से दस हजार तक बेचते थे
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि एमडीएमए ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत मांग है। हाईप्रोफाइल लोग, मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले लोग इसके प्रमुख ग्राहक हैं। बताया जाता है कि जिसे इस एमडीएमए गोली की लत लग जाती है वह हर कीमत पर इसे खरीदना चाहता है। पूजा समेत इस गिरोह में शामिल लोग एक गोली को कम से कम एक हजार रुपये में बेचते थे। आरोपी कई बार एक गोली को दस हजार रुपये में भी बेच चुके हैं।