एनसीएलटी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर 25 मार्च को सुपरटेक के खिलाफ दिवालिया की कार्यवाही शुरू की थी। यूनियन बैंक ने अपनी शिकायत में कहा था कि कंपनी ने उसके 432 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान नहीं किया है।
सुपरटेक के खिलाफ दिवालिया की कार्यवाही में मामूली राहत देते हुए राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय टिब्यूनल (एनसीएलएटी) बैंकों की समिति बनाने पर 19 अप्रैल तक रोक लगा दी है। दरअसल रियल एस्टेट कंपनी ने बैंकों से बात करने के लिए थोड़ा वक्त मांगा था।
विज्ञापन
सुपरटेक के वकील ने ट्रिब्यूनल से इस मामले की सुनवाई को एक सप्ताह तक टालने की मांग की थी। दरअसल सुपरटेक लिमिटेड के निलंबित बोर्ड के एक निदेशक रामकिशोर अरोड़ा ने एनसीएलटी के 25 मार्च के उस फैसले के खिलाफ याचिका पर एनसीएलएटी ने यह निर्देश दिया है।
एनसीएलटी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर 25 मार्च को सुपरटेक के खिलाफ दिवालिया की कार्यवाही शुरू की थी। यूनियन बैंक ने अपनी शिकायत में कहा था कि कंपनी ने उसके 432 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान नहीं किया है।