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सु-फाई को पता थे भारत में अवैध तरीके से घुसने के रास्ते

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ग्रेटर नोएडा (संदीप वर्मा)। शहर के जेपी ग्रींस सोसाइटी में किराए पर डेढ़ लाख रुपये माह का मकान लेकर रह रहे चीन के नागरिक सु-फाई को भारत में घुसने के अवैध रास्ते पता थे। ऐसा भी हो सकता है कि दो अन्य चीन के नागरिकों साथ उसने पहले भी कुछ अन्य को भारत में प्रवेश कराया हो । इसे लेकर मंगलवार को भी आईबी समेत अन्य जांच एजेंसियां सु-फाई और उसकी महिला मित्र पेटखे रेनुओ से पूछताछ कर रही हैं।
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चीन के नागरिक सु फाई ने युआन हैंलोंग निवासी डुबेई किस्चेंग ज्हेंग्जी बुहान और लूलांग निवासी रेनही रोड होगेशन बुहान (दोनों चीन) से काठमांडू नेपाल के रास्ते से भारत में अवैैध रूप से एंट्री कराई थी। खास बात यह है कि सु फाई को इस अवैध तरीके से भारत आने का रास्ता पता था। या फिर इसमें किसी और ने उसकी मदद की थी। कौन लोग हैं जो इस रास्ते का उपयोग कर भारत में घुसने के लिए प्रयास कर रहे हैं। जांच एजेंसियां इसकी खोजबीन में लगी हैं। दोनों चीन के मेहमान 18 दिनों तक आराम से ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रींस में उसके साथ रहे। इस दौरान वह कहां-कहां गए और इस दौरान क्या किया। जांच एजेंसियां इन सभी चीजों का सु फाई से पता लगाने में लगी हैं। बीटा-2 थाना पुलिस ने रविवार रात सु फाई और उसकी गर्लफ्रेंड को गुरुग्राम के ताज होटल से गिरफ्तार किया था।
वैध वीजा से क्यों नहीं रह रहा था सु फाई
जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि सु फाई े वैध वीजा से क्यों नहीं रह रहा था। जबकि वह ग्रेटर नोएडा और नोएडा स्थित दो कंपनियों में एक भारतीय के साथ साझीदार था। क्या उसे वैध वीजा नहीं मिल रहा था। उसने वीजा में हेराफेरी कर फर्जी वीजा क्यों बनाया। दूसरा उसे अपने साथियों को अवैध तरीके से भारत के बार्डर को पार कराकर ही लाने की क्या जरूरत थी। जांच एजेंसियों को इसपर शक गहरा गया है और इसकी जड़ में जाने के लिए उसके लैपटॉप और मोबाइल को खंगालकर डाटा निकालने की तैयारी कर रही हैं। ताकि सच्चाई पता चल सके। आरोपी ने पहले से मोबाइल में उपलब्ध डाटा डिलीट कर दिया है।
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चीन का नागरिक सु फाई वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहा था। जांच एजेंसियों ने सु फाई और उसकी महिला मित्र पेटखे रेनुओ से मंगलवार को भी पूछताछ कर रही हैं। - विशाल पांडेय, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा
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