नोएडा। सेक्टर-93ए सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर के आसपास के टावरों में रहने वाले लोगों की सांसें अब भी थमी हुई हैं। अंतिम ब्लास्ट का दिन (21 अगस्त) करीब आ रहा है, लेकिन अब तक टावरों का स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया गया है। इस बारे में कई बार शिकायत की गई। प्राधिकरण ने आदेश जारी किए गए, लेकिन बिल्डर ने कोई रिपोर्ट नहीं दी।
सूत्रों का कहना है कि स्ट्रक्चरल ऑडिट कराई ही नहीं जा रही है, जबकि प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों को लग रहा है कि रिपोर्ट देने में देरी की जा रही है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि आरडब्ल्यूए को सोसाइटी सौंपने के बाद इस तरह के काम आरडब्ल्यूए को कराने होते हैं। आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण और बिल्डर से ऑडिट कराने को कहा है। एमराल्ड कोर्ट का बेसमेंट जर्जर हालत में है। यहां कहीं दरार तो कहीं प्लास्टर उखड़ा हुआ है। कहीं-कहीं सरिया दिख रहा है जिसमें जंग लगी हुई है। इस बारे में एमराल्ड कोर्ट की निवासी प्रीति जैन ने बताया कि एक बार पहले आरडब्ल्यूए ने इस तरह का ऑडिट कराया था, लेकिन अब दोबारा ऐसा कुछ हो रहा है, उसकी जानकारी में नहीं है। हालांकि इमारतों की मजबूती की जांच कराने को लेकर उनकी भी राय स्पष्ट है। यह अंतिम ब्लास्ट से पहले हो जाना चाहिए। इस बारे में प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी का कहना है कि अगर इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया जाता है तो इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी। निवासियों की मांग के बावजूद बिल्डर की ओर से इस काम को नहीं किया जा रहा है।